बरेली समाचार: वार्डबॉय आत्महत्या मामला, मुख्य आरोपी कानपुर से गिरफ्तार

बरेली समाचार: जिला अस्पताल के वार्डबॉय प्रदीप की आत्महत्या के मामले में मुख्य आरोपी सुधीर उर्फ चूचू को पुलिस ने कानपुर से दबोचा।

बरेली समाचार: वार्डबॉय आत्महत्या मामला, मुख्य आरोपी कानपुर से गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

जिला अस्पताल के वार्डबॉय प्रदीप कुमार की आत्महत्या के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता।

पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट के आधार पर मुख्य आरोपी सुधीर कुमार उर्फ चूचू को कानपुर से किया गया गिरफ्तार।

मृतक की बेटी की तहरीर पर थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दर्ज था मुकदमा।

पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर दबिश देकर आरोपी को कस्टडी में लिया।

हसीन दानिश / जन माध्यम
बरेली।
जिला चिकित्सालय में वार्डबॉय के पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार की आत्महत्या के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दुखद घटना ने जहां पीड़ित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था, वहीं मौके से मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले को कानूनी रूप से बेहद संवेदनशील बना दिया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस से प्राप्त विवरण के अनुसार, जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान प्रदीप कुमार ने आत्मघाती कदम उठाया था। घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में आरोपी सुधीर कुमार उर्फ चूचू पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और करीब तीस लाख रुपये की अवैध वसूली का दबाव बनाने के गंभीर आरोप दर्ज थे। इस मानसिक तनाव के चलते पीड़ित द्वारा उठाए गए कदम के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक की बेटी की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका था। कोतवाली पुलिस की टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से कानपुर रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में दबिश देकर सुधीर उर्फ चूचू को दबोच लिया।

प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी की। इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में उपनिरीक्षक रोहित कुमार और मुख्य आरक्षी परविंदर कुमार की अहम भूमिका रही। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुसाइड नोट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक जांच की जा रही है, ताकि पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिल सके और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।