बांके बिहारी मंदिर के मूल ढांचे पर मंडराया संकट

मथुरा समाचार: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर की इमारत को लेकर बड़ा खुलासा। पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट में जर्जर ढांचे पर जताई गई चिंता।

बांके बिहारी मंदिर के मूल ढांचे पर मंडराया संकट
HIGHLIGHTS:

विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर की ऐतिहासिक इमारत के मूल ढांचे में पाई गईं गंभीर तकनीकी विसंगतियां।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे के बाद अदालत में पेश की रिपोर्ट।

मंदिर की छतों से हो रहे रिसाव के कारण लोहे के गर्डर्स में लगी भारी जंग, दीवारों का प्राचीन प्लास्टर भी जर्जर।

त्योहारों और सप्ताहांत पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से प्राचीन परिसर पर बढ़ रहा अत्यधिक दबाव।

श्याम बिहारी भारगव / जन माध्यम
मथुरा]
। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर की ऐतिहासिक इमारत की स्थिति को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अदालत के निर्देश पर की गई एक वैज्ञानिक जांच के बाद मंदिर के मूल ढांचे की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस प्राचीन और प्रतिष्ठित इमारत के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को देखते हुए अब मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

न्यायिक प्रक्रिया के तहत मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत के आदेश पर श्री बांके बिहारी मंदिर परिसर का एक विस्तृत तकनीकी अध्ययन कराया गया था। इस सर्वे को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर पूरा किया है। कोर्ट में दाखिल की गई इस संयुक्त रिपोर्ट में मंदिर के खंभों, छतों और दीवारों की जर्जर होती स्थिति को लेकर कई गंभीर तकनीकी खुलासे किए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वेक्षण के दौरान मंदिर की ऊपरी छतों और विशिष्ट दीर्घा (वीआईपी गैलरी) के हिस्सों का बेहद गहन अध्ययन किया गया। जांच में पाया गया कि मंदिर की छतों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इस निरंतर सीलन के कारण छत को सहारा देने वाले लोहे के बड़े गर्डर्स और कड़ियों में भारी जंग लग चुकी है। दीवारों के भीतर तक फैली इस नमी की वजह से चूने और मौरंग का प्राचीन प्लास्टर टूटकर गिर रहा है।

रिपोर्ट में इस जर्जरता का सबसे प्रमुख कारण हर दिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को माना गया है। त्योहारों और सप्ताहांत पर लाखों भक्तों के एक साथ जुटने से जर्जर हो चुकी सीढ़ियों, फर्श और दीर्घा पर अत्यधिक भौतिक दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही, पूरे परिसर में बिजली के तारों का बेतरतीब जाल लटक रहा है, जो सीलन वाली दीवारों के संपर्क में है। प्रशासन अब इस रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और बड़े हादसे को टालने के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।