बहगुल नदी के कटान से फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा
बहेड़ी के भैरपुरा में बहगुल नदी के कटान से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। भाकियू चढ़ूनी ने कटान रोकने और मुआवजे की मांग की।
भैरपुरा में बहगुल नदी के बढ़ते जलस्तर से खेतों में कटान जारी।
किसानों के कई बीघा खेत नदी में समाने और फसलें बर्बाद होने का दावा।
भाकियू चढ़ूनी ने कटान रोकने, सर्वे और मुआवजे की मांग की।
जन माध्यम
बरेली। तहसील बहेड़ी की ग्राम पंचायत भैरपुरा में बहगुल नदी के बढ़ते जलस्तर से हो रहे कटान और किसानों को हुए नुकसान को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है। जिला अध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में किसान नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कटान रोकने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि भैरपुरा के पास बहने वाली बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित किसानों के कई बीघा खेत कटकर नदी में समा रहे हैं। इससे फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं, कुछ गरीब परिवारों के मकान भी कटान की चपेट में आ गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड की टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाए। कटान रोकने के लिए बोल्डर डालने और तटबंध निर्माण का कार्य कराया जाए। साथ ही राजस्व विभाग की टीम से कटान से हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
किसान नेताओं ने नदी की चपेट में आ चुके और खतरे की जद में आए मकानों के परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था करने की भी मांग की।
ज्ञापन के दौरान जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, जिला महासचिव अर्जुन यादव, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम, जिला महामंत्री मनोज कुमार, जिला संगठन मंत्री सज्जाद अख्तर, महानगर अध्यक्ष मंदीप सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।