न्याय की आवाज़ बने एसएसपी

एसएसपी अनुराग आर्य ने निवेशकों को ठगने के मामले में कन्हैया गुलाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। दिसंबर में 15 नए मामले दर्ज किए गए और एसआईटी टीम गठित की गई। पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय की उम्मीद मिली।

न्याय की आवाज़ बने एसएसपी
HIGHLIGHTS:

➡️ एसएसपी अनुराग आर्य ने निवेशकों को ठगने वाले कन्हैया गुलाटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
➡️ दिसंबर में 15 नए मामले दर्ज, कुल 17 मामले कायम
➡️ शाहजहांपुर निवेशक की आत्मदाह चेतावनी के बाद त्वरित रिपोर्ट दर्ज
➡️ एसआईटी टीम का गठन, एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने नेतृत्व किया
➡️ सीओ हाईवे ने निगरानी सुनिश्चित की
➡️ कार्रवाई से पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय की उम्मीद मिली
➡️ कानून की समान पहुंच और पुलिस-जनता के बीच भरोसे का सेतु मजबूत

 जन माध्यम। बरेली।

कानून के कठोर लेकिन न्यायपूर्ण हाथ की छवि तभी चमकती है जब हर नागरिक, चाहे वह अमीर हो या गरीब, समान सुरक्षा और न्याय की आशा कर सके। एसएसपी अनुराग आर्य ने इसी सोच को बरेली में जीकर दिखाया है। निवेशकों को करोड़ों रुपये से ठगने के मामले में नामजद आरोपी कन्हैया गुलाटी के खिलाफ अब तक 17 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 15 सिर्फ दिसंबर माह में दर्ज किए गए। पिछले कुछ हफ्तों में जब शाहजहांपुर के निवेशक ने कैनविज कंपनी के दफ्तर के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी, तो एसएसपी अनुराग आर्य ने तुरंत सख्त आदेश जारी कर रिपोर्ट दर्ज कराई। यह केवल एक औपचारिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह संदेश था कि पुलिस कानून के सामने किसी के प्रति भेदभाव नहीं करेगी। उनके आदेश पर एसआईटी टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान कर रहे हैं और सीओ हाईवे परिपेक्ष अधिकारी के रूप में निगरानी कर रहे हैं। अनुराग आर्य की यह कार्यशैली इस तथ्य को उजागर करती है कि कानून की आंख हमेशा जगी रहती है। चाहे आरोपी कोई उद्योगपति हो या आम नागरिक, न्याय की पहुंच सब तक समान है। उनकी यही प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता पुलिस और जनता के बीच भरोसे का सेतु बनती है। इस कार्रवाई की खासियत यह है कि यह केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षा, उम्मीद और न्याय की अनुभूति भी देती है। यह मानवीय दृष्टिकोण और कर्तव्यनिष्ठा का संगम है, जो समाज में विश्वास की नींव मजबूत करता है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने यह साबित कर दिया है कि सख्ती और संवेदनशीलता दोनों साथ चल सकते हैं। उनके नेतृत्व में पुलिस ने एक बार फिर दिखा दिया कि कानून का प्रहरी केवल डर का नहीं, बल्कि न्याय का संदेश देने वाला होता है, और हर नागरिक की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है।