कोर्ट के आदेश पर दो अस्पताल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई, इनका होगा लाइसेंस होगा रद्द, जाने मामला...

कोर्ट के आदेश पर दो अस्पताल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई, इनका होगा लाइसेंस होगा रद्द, जाने मामला...

बरेली। न्यायालय के आदेश पर बरेली के दो प्रमुख अस्पताल प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। न्यायालय ने भास्कर अस्पताल के प्रबंधक डॉ. ओपी भास्कर और सुमंगल डेंटल केयर एवं ट्रामा सेंटर के डायरेक्टर डॉ. आशीष अग्रवाल के लाइसेंस को रद्द करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और मरीजों के इलाज से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत नहीं करने के कारण की जा रही है।

यह था मामला

मामला बरेली देहात के भमोरा थाना क्षेत्र के चंपातपुर गांव निवासी राजवीर से जुड़ा हुआ है। 18 मई 2013 को राजवीर का टेंपो पलटने से गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए भास्कर अस्पताल और सुमंगल डेंटल केयर एवं ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया। राजवीर की चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों को उनका दायां पैर काटना पड़ा।

राजवीर ने 2014 में मुआवजे की मांग करते हुए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) में याचिका दायर की। अदालत ने दोनों अस्पतालों से इलाज संबंधित रिकॉर्ड मांगे, लेकिन बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया। अस्पतालों द्वारा यह लापरवाही दिखाए जाने पर कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और आदेश दिया कि इन अस्पतालों के प्रबंधकों का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह को निर्देश दिया कि दोनों डॉक्टरों के लाइसेंस को तुरंत रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद सीएमओ ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और संबंधित अस्पतालों में हड़कंप मच गया है।

राजवीर ने पिछले दस वर्षों में न्याय की गुहार लगाई और अब कोर्ट के इस आदेश के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जग गई है। उनका मानना है कि यह फैसला न केवल उनके लिए बल्कि अन्य पीड़ितों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बनेगा।