आग जलति रही,सिस्टम सोता रहा

बरेली के राजपुर कला में शॉर्ट सर्किट से मकान और दुकानों में भीषण आग लग गई। समय पर फायर ब्रिगेड न पहुंचने से लाखों का नुकसान हुआ, ग्रामीणों ने जान बचाई।

आग जलति रही,सिस्टम सोता रहा
HIGHLIGHTS:

➡️ शॉर्ट सर्किट से मकान और दुकानों में भीषण आग
➡️ पहली मंजिल पर परिवार धुएं में फंसा
➡️ ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर बचाई जान

जन माध्यम
बरेली।
सुबह का वक्त था। गांव अभी नींद में था। लेकिन राजपुर कला में एक घर ऐसा था, जहां आग जाग चुकी थी और सिस्टम सो रहा था। अलीगंज क्षेत्र में व्यापारी शुभम माहेश्वरी उर्फ बॉबी के मकान और दुकानों में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में सब कुछ निगल लिया। धुआं उठा, लपटें फैलीं और गांव की खामोशी चीखों में बदल गई। आग नीचे थी, मौत ऊपर चढ़ रही थी।

पहली मंजिल पर पूरा परिवार फंसा था चारों तरफ धुआं, सांसें थमती हुईं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं। उस पल न कोई सायरन सुनाई दिया, न कोई सरकारी गाड़ी दिखी। जो दिखे, वे थे गांव के लोग। नंगे हाथ, खुला दिल और आंखों में इंसानियत। पड़ोसी के मकान से सीढ़ी लगाई गई और अपनी जान दांव पर लगाकर ग्रामीणों ने पूरे परिवार को बाहर निकाल लिया। अगर कुछ मिनट और निकल जाते, तो यह खबर शायद हादसा नहीं, त्रासदी कहलाती। नीचे की तस्वीर और भी भयावह थी। मेडिकल स्टोर, जनरल स्टोर और खाद बीज की दुकान जलकर राख हो चुकी थीं। दवाइयां, अनाज, बीज सालों की मेहनत आग में घुल चुकी थी। मकान के अंदर रखा घरेलू सामान भी नहीं बचा। लाखों का नुकसान हुआ, लेकिन उससे बड़ा नुकसान उस भरोसे का था, जो व्यवस्था से जुड़ा होता है।

सूचना देने के पूरे दो घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची। और जब पहुंची, तो एक गाड़ी पानी के बिना थी। 12 किलोमीटर दूर से आने में इतना वक्त यह देरी नहीं, लापरवाही थी। मजबूर होकर ग्राम प्रधान अतुल गुप्ता ने सबमर्सिबल चलवाया। तालाब, नालों और घरों से पानी लाकर ग्रामीणों ने आग बुझाई। अगर गांव खुद न जागता, तो शायद पूरा मकान गिर चुका होता।