तमंचे, बंदूकें और एक खंडहर, पुलिस ने किया अवैध असलहा बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश
बरेली। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध असलहा बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। थाना कैन्ट पुलिस द्वारा बुधवार की रात की गई कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ शातिर अपराधी नकटिया चौकी क्षेत्र के कृष्णा कालोनी स्थित एक खंडहर में अवैध हथियार बना रहे हैं। पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर छापा मारा और सभी आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों के पास से दो देशी नाजायज बंदूकें, दो तमंचे, अर्धनिर्मित तमंचे, कारतूस और असलाह बनाने के उपकरण बरामद हुए।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से कुल 02 देशी बंदूकें एक नाली 315 बोर और एक नाली 12 बोर, 02 तमंचे 315 बोर, 03 अर्धनिर्मित तमंचे, 35 जिन्दा कारतूस 12 बोर और 02 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद हुए। इसके अलावा अवैध असलहा बनाने के लिए प्रयुक्त उपकरण जैसे सुम्भी, हथौड़ी, पेचकस, आरी और अन्य सामान भी जब्त किया गया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे लंबे समय से अवैध असलाह बनाकर बेच रहे थे और पुराने हथियारों की मरम्मत भी करते थे। उनका कहना था कि ये हथियार सस्ते दामों पर बेचते थे और इस तरह से अपनी आजीविका चलाते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों में राजेश, राजेंद्र उर्फ चिरकुण्डा, आकाश, अभिषेक, अक्षय और प्रेम किच्छू शामिल हैं। पकडे गये आरोपियों का अपराधी इतिहास भी है, और कई गंभीर मामलों में पहले से इनके खिलाफ वारदातें दर्ज हैं। इनमे से कुछ के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के संलिप्त थे। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान थाना कैन्ट के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने तत्परता से काम किया। इस सफल ऑपरेशन में उ.नि. मोहित चोधरी, उ.नि. पवन कुमार, हे.का. मुकुट सिंह और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जिन्होंने इस गैंग को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम,
आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध हथियारों के कारोबार को लेकर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।
सभी अपराधी शातिर किस्म के हैं और पहले भी अवैध हथियार निर्माण में शामिल रहे हैं। पुलिस को इनके अन्य नेटवर्क और संभावित ग्राहकों के बारे में भी जानकारी मिली है जिसके आधार पर आगे की जांच जारी है।
मानुष पारीक, एसपी सिटी।