रिटायर्ड फौजी की जमीन पर माफियाओं का धावा
सुभाषनगर: रिटायर्ड फौजी भूदेव शर्मा की जमीन हथियाने 50 गुंडे-बुलडोजर लेकर पहुंचे, पुलिस ने रोका कब्जा, एसपी सिटी का कार्रवाई भरोसा।
➡️ 50 हथियारबंद गुंडे + बुलडोजर लेकर पहुंचे
➡️ रिटायर्ड फौजी की जमीन पर कब्जे की कोशिश
➡️ झूठी FIR और कोर्ट केस के बावजूद हमला
➡️ पुलिस 112 की तत्परता से टला गोलीकांड
➡️ चकबंदी में एकतरफा आदेश का आरोप
➡️ एसपी सिटी मानुष पारीक ने कार्रवाई का भरोसा दिया
बुलडोजर हथियार लेकर पहुंचे दबंग, लेकिन पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा
जन माध्यम
बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र में रिटायर्ड फौजी की जमीन पर कब्जा जमाने की सनसनीखेज कोशिश ने पूरे इलाके को दहला दिया। वर्दी उतारने के बाद शांत जिंदगी जी रहे भूदेव शर्मा को शायद अंदाज़ा भी न था कि एक दिन उनकी ही जमीन पर रसूखदार भूमि माफिया बुलडोजर और हथियारबंद गुंडों की सेना लेकर टूट पड़ेंगे। लेकिन सच यही है राजनीतिक संरक्षण प्राप्त इस गिरोह ने पहले झूठे मुकदमे दर्ज कराए, फिर मौके पर ऐसे चढ़ आए मानो कानून और व्यवस्था उनके लिए कुछ मायने ही नहीं रखती।
करगैना निवासी रिटायर्ड फौजी भूदेव शर्मा के मुताबिक 2019 से भूमि माफिया लगातार उन्हें फंसाने और कमजोर करने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। 2019 के एससी,एसटी एक्ट के मामले में विवेचना के दौरान कई नाम हट गए, लेकिन एक नाम पर मुकदमा अब भी कोर्ट में चल रहा है। 2024 में भी जमीन विवाद में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले और बुलंद होते गए। पीड़ित का कहना है कि अदालतों में कई मुकदमे लंबित होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना, भूमि माफियाओं को खुली छूट देने जैसा है।14 दिसंबर 2024 का दिन भूदेव शर्मा कभी नहीं भूल पाएंगे। आरोप है कि ऋषि गुप्ता, एडवोकेट रामबाबू कनौजिया सहित 40 50 हथियारबंद लोग जेसीबी लेकर पहुंचे और खुद को तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल बताने लगे। आरोपियों ने पूरी ताकत झोंककर जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की।पीड़ित के शब्दों मे
अगर पुलिस कुछ मिनट और देर से आती, तो गोलीकांड होना तय था। ये लोग खुलेआम कह रहे थे कि आज हर हाल में कब्जा ले ही लेंगे।
जैसे ही पीड़ित ने हिम्मत जुटाते हुए 112 नंबर पर कॉल किया, पुलिस मौके पर पहुंची और दबंगों का कब्जा प्रयास असफल हो गया। पुलिस के तत्काल हस्तक्षेप से बड़ा हादसा टल गया और इलाके में राहत की सांस ली गई।पीड़ित का आरोप है कि विवादित भूमि को लेकर चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी ने संजीव खंडेलवाल के पक्ष में एकतरफा आदेश करा लिया, जबकि मामला उप संचालक चकबंदी में विचाराधीन है।
साथ ही सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में भी मूलवाद लंबित है और अमीन रिपोर्ट जमा की जा चुकी है। इसके बावजूद माफिया गिरोह जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहा है, जो प्रशासनिक प्रक्रिया से खुली छेड़छाड़ जैसा है।पीड़ित बताते हैं कि पहले भी भूमाफियाओं ने एक और झूठी रिपोर्ट थाना सुभाषनगर में दर्ज कराई। मजबूर होकर उन्होंने हाईकोर्ट प्रयागराज में रिट दाखिल की है।भूदेव शर्मा का कहना है कि वे अब तक 20–25 शिकायतें कर चुके हैं, मगर कार्रवाई न होने से गिरोह और ताकतवर हो गया है।
पूरे मामले का विस्तृत विवरण पीड़ित ने एसपी सिटी मानुष पारीक को सौंपा, जिन्होंने गंभीरता से सुनवाई करते हुए जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रिटायर्ड फौजी का दर्द साफ है
मैंने देश की सेवा की है, अब अपनी ही जमीन के लिए लड़ रहा हूं। उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और माफियाओं को उनके कृत्यों की सजा भी।