छात्रवृत्ति फंसी तो भविष्य अटका

छात्रवृत्ति डाटा पेंडिंग रहने पर डीएम अविनाश सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई, स्कूल-कॉलेजों को 24 दिसंबर तक अंतिम मोहलत।

छात्रवृत्ति फंसी तो भविष्य अटका
HIGHLIGHTS:

➡️ सीएम डैशबोर्ड पर छात्रवृत्ति प्रगति की समीक्षा
➡️ डाटा फॉरवर्ड न होने से छात्रों का भविष्य खतरे में
➡️ डीएम ने स्कूल-कॉलेजों को 24 दिसंबर तक की डेडलाइन
➡️ बरेली कॉलेज की खराब प्रगति पर डीएम की सख्ती
➡️ शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर लंबित डाटा निस्तारण के निर्देश

सीएम डैशबोर्ड पर पिछड़ते ही हरकत में प्रशासन,डीएम ने स्कूल-कॉलेजों को दी 24 दिसंबर तक की मोहलत


डेस्क/ जन माध्यम 
बरेली। डीएम अविनाश सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर समाज कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से जुड़े पैरामीटर की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रवृत्ति का डाटा समय पर फॉरवर्ड न होने से न केवल सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है, बल्कि हजारों छात्र छात्राओं का भविष्य भी अधर में लटक रहा है। डीएम ने बताया कि कई विद्यालयों द्वारा डाटा फॉरवर्ड न किए जाने के कारण पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं, जो बेहद गंभीर स्थिति है। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर छात्रवृत्ति डाटा की फीडिंग और फॉरवर्डिंग कराई जाए। साथ ही यह भी कहा कि सुबह और देर रात्रि के समय पोर्टल पर लोड कम रहता है, इसलिए उन्हीं समयों में विशेष रूप से कार्य कराते हुए लंबित डाटा का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि बरेली कॉलेज की स्थिति छात्रवृत्ति डाटा फीडिंग में बेहद खराब है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कॉलेज प्रशासन को कार्य में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम ने सभी विद्यालयों के पेंडिंग डाटा की विद्यालयवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 24 दिसंबर की रात्रि तक हर हाल में सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।