सेमीखेडा चीनी मिल में फिर सामने आई खामी, शाफ्ट टूटने से चार घंटे बंद रही मिल

सेमीखेडा चीनी मिल में फिर सामने आई खामी, शाफ्ट टूटने से चार घंटे बंद रही मिल
पटले पर पडा गन्ना और सेमीखेडा चीनी मिल का फोटो।

देवरनियां, बरेली।‌ जिले की एकमात्र किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा की पुरानी हो चुकी मशीनरी जवाब दे चुकी है। चैन पावर (कोहलू) नम्बर दो का शाफ्ट टूटने से मिल चार घंटे बंद रहने के बाद धीमी गति से बाईपास कर चलाई जा रही है। उधर मिल यार्ड में गन्ना किसानों की भीड बढ गई है।वर्ष 1982 में स्थापित बरेली जिले की एक मात्र किसान सहकारी चीनी मिल सेमीखेडा ने पहला पेराई सत्र 1984 में शुरू किया था। मशीनरी को अब तक नहीं बदला गया है,जिससे मशीनरी पुरानी होने की वजह से जवाब दे चुकी है। हालांकि, पिछले वर्ष मिल की बागडोर संभालने वाले जीएम शादाब असलम खान ने पहल कर अपग्रेड करने का प्रस्ताव को मंजूरी दिला दी है,मगर यह कब शुरू होगा? यह सवाल बना हुआ है।

सेमीखेड़ा चीनी मिल दो कोहलू पर चल रही है,इसमें कोहलू नम्बर दो का सॉफ्ट शनिवार देर शाम अचानक टूट गया जिससे मिल करीब चार घंटे बंद रही। इसके बाद मिल अफसरों ने बाइपास कर कोहलू एक पर ही धीमी गति से मिल चलू करा दी है, इससे मिल की पेराई क्षमता भी काफी घट गई है। सुबह आठ से दो बजे तक मात्र दो हजार कुंटल गन्ना पेराई हो पाई है। 24 घंटे में मात्र 21 हजार कुंटल गन्ना पेराई हुई है,जबकि एक दिन में‌ ग्यारह हजार कुंटल पेराई होती है और इससे मिल यार्ड में गन्ना किसानों की भीड भी बढ़ गई है। पटले पर गन्ना जमा हो जा रहा है।
मिल‌ अफसरों ने बदायूं चीनी मिल से साफ्ट मंगवाया है। सीसीओ भीम कुशवाह जे अनुसार सही होने में दो दिन और लगेगें।
 

शाफ्ट टूटने से मिल‌ बाइपास कर धीमी गति से  चलाई जा रही है, इसलिए मिल पेराई क्षमता भी घट गई है। बदायूं चीनी मिल से गिफ्ट मंगवाया है। मंगलवार तक सही हो जाएगी

भीम कुशवाह, सीसीओ सेमीखेडा चीनी मिल