बरेली में ख्वाजा गरीब नवाज का 814वां उर्स अकीदत व एहतराम के साथ संपन्न
बरेली में सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज का 814वां उर्स सूफियाना माहौल में संपन्न हुआ। उर्स के दौरान नियाज, तबर्रुक वितरण और अमन-चैन की दुआएं की गईं।
➡️ बरेली में ख्वाजा गरीब नवाज का 814वां उर्स संपन्न
➡️ सूफियाना माहौल में मोहब्बत और भाईचारे का संदेश
➡️ नियाज, नजर और तबर्रुक का व्यापक वितरण
➡️ अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन ने किया आयोजन
➡️ देश और शहर की सलामती के लिए दुआएं
➡️ कुल शरीफ के साथ उर्स का विधिवत समापन
➡️ बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की सहभागिता
जन माध्यम।
हसीन दानिश बरेली।
सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का 814वां उर्स-ए-मुबारक बरेली में पूरी अकीदत, एहतराम और सूफियाना माहौल के बीच मनाया गया। उर्स के मौके पर शहर में मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम गूंजता नजर आया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के बरेली जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी की ओर से ओल्ड सिटी मदीना शाह स्थित इमामबाड़े के पास, मेहताब जरी आर्ट के निकट विशेष उर्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर ख्वाजा गरीब नवाज की बारगाह में अपनी अकीदत पेश की।
उर्स के दौरान नियाज और नजर का खास इंतजाम किया गया। बिरयानी की देगें, दलिया, फल सहित अन्य खाद्य सामग्री अकीदतमंदों के लिए रखी गई, जिसे तबर्रुक के रूप में बड़ी तादाद में मौजूद लोगों में वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान सूफी परंपरा की झलक साफ नजर आई।
कार्यक्रम में मोहल्ले के तमाम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपसी सौहार्द, भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। दुआओं के दौर में देश में अमन-चैन, भाईचारा और तरक्की की कामना की गई।
इस मौके पर शारिक अब्बासी ने कहा कि “ख्वाजा गरीब नवाज का पैगाम मोहब्बत, सेवा और इंसानियत का है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में आपसी भाईचारा और शांति कायम की जा सकती है।” उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भी सूफी परंपरा और हमारी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं।
उर्स के समापन पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। कुल शरीफ के बाद मुल्क और शहर की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसकी स्थानीय लोगों और अकीदतमंदों ने सराहना की।
इस अवसर पर विशेष रूप से मोहम्मद हसीब, आमिर मुनीर, मोहम्मद फैजान, समीर रिजवान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।