कमिश्नर का निरीक्षण,काम में तेज़ी के निर्देश
बरेली कमिश्नर ने बीडीए के बड़े प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया। 51 फीट श्रीराम प्रतिमा पर संतोष, रूद्रावनम् पार्क व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तेजी-गुणवत्ता के सख्त निर्देश।
➡️ कमिश्नर ने बीडीए के सभी सिग्नेचर प्रोजेक्ट्स का दौरा किया
➡️ रामायण वाटिका की 51 फीट श्रीराम प्रतिमा व लैंडस्केपिंग पर संतोष
➡️ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुणवत्ता और गति बढ़ाने के सख्त आदेश
➡️ रूद्रावनम् पार्क (1 लाख वर्गमीटर) को समय पर पूरा करने की हिदायत
➡️ प्रस्तावित टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, हरित पट्टी, स्कूल-हॉस्पिटल जरूरी
➡️ कमिश्नर का संदेश: समय, गुणवत्ता और सुरक्षा में कोई समझौता नहीं
➡️ बरेली बनेगा आधुनिक, हरा-भरा और सांस्कृतिक शहर
रामायण वाटिका से रूद्रावनम् पार्क तक,हर प्रोजेक्ट पर पैनी नज़र
जन माध्यम
बरेली। शहर के विकास का खाका अब तेज़ी से धरातल पर उतरता दिख रहा है। शुक्रवार को कमिश्नर ने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, सचिव, वरिष्ठ अभियंताओं और विभागीय अधिकारियों के साथ बीडीए के कई महत्त्वपूर्ण सिग्नेचर प्रोजेक्ट्स का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति परखना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और शहर के भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप ठोस दिशा-निर्देश जारी करना रहा। कमिश्नर ने सर्वप्रथम रामगंगा नगर के सेक्टर–2 में विकसित हो रही रामायण वाटिका का निरीक्षण किया। यहाँ 51 फीट ऊँची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा, सुंदर कलात्मक दीवार चित्रण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, मियावाकी पद्धति से तैयार हरित क्षेत्र और सुंदर लैंडस्केपिंग देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामायण वाटिका की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय छवि को नई दिशा देगी।
सेक्टर 7 स्थित बहुउद्देश्यीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर में कमिश्नर ने दर्शकदीर्घा, खेल मैदान, बहुखेल क्षेत्र, पार्किंग, सभागार और भवन संरचनाओं का गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि खेल से जुड़ी सभी सुविधाएँ मानक के अनुरूप हों, कार्य की गति में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो।
निरीक्षण का विशेष केंद्र बिंदु रहा ग्रेटर बरेली योजना के अंतर्गत बनाया जा रहा रूद्रावनम् पार्क। एक लाख वर्गमीटर में तैयार हो रहा यह विशाल हरित क्षेत्र शहर के पर्यावरण को नया जीवन देने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। कमिश्नर ने कहा कि यह पार्क बरेली की भावी पहचान बन सकता है, इसलिए निर्माण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हो।बाईपास और पीलीभीत रोड पर विकसित होने वाली प्रस्तावित टाउनशिप का भी स्थलीय अवलोकन किया गया। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सड़कें चौड़ी और सुगम हों, हरित पट्टियाँ बढ़ाई जाएँ, वाणिज्यिक क्षेत्र सुव्यवस्थित हों और पार्क, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र जैसी सामुदायिक सुविधाएँ समुचित रूप से शामिल की जाएँ। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन ऐसी होनी चाहिए जो आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
कमिश्नर का सख़्त संदेश समय, गुणवत्ता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं निरीक्षण समाप्त करते हुए कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रोजेक्ट में समय-सीमा, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। जनसुविधाओं से जुड़े हर कार्य को सर्वोच्च स्तर पर पूरा करना अनिवार्य होगा।यह व्यापक निरीक्षण संकेत देता है कि शहर आने वाले समय में आधुनिकता, हरित विकास और सांस्कृतिक पहचान का संतुलित संगम बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।