बरेली में सनसनी: कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नासिर सिद्दीकी पर फर्जी शपथपत्र से न्यायालय को गुमराह करने का गंभीर आरोप
बरेली में हिस्ट्रीशीटर नासिर सिद्दीकी पर फर्जी शपथपत्र से न्यायालय को गुमराह कर मुकदमा खत्म कराने का आरोप, SSP से शिकायत।
➡️ हिस्ट्रीशीटर पर गंभीर आरोप
➡️ फर्जी शपथपत्र से कोर्ट गुमराह
➡️ 2022 का संगीन आपराधिक मामला
हसीन दानिश / जन माध्यम
बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र के ग्राम महलुआ में एक गंभीर आपराधिक साजिश का मामला सामने आया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नासिर सिद्दीकी पर फर्जी शपथपत्र तैयार कर न्यायालय को धोखा देने और संगीन मुकदमे को अवैध तरीके से समाप्त कराने का आरोप लगा है। पीड़ित दूल्हा मियां ने SSP बरेली को शिकायत देकर सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की है।पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2022 में अपराध संख्या 75/2022 के तहत नासिर सिद्दीकी समेत आठ आरोपियों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज निर्माण), 468 (फर्जी दस्तावेज में परिवर्तन) और 471 (फर्जी दस्तावेज को असली बताकर प्रयोग) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। ये सभी धाराएं गंभीर हैं, जिनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
नासिर सिद्दीकी के खिलाफ थाना इज्जतनगर में हिस्ट्रीशीट संख्या 44ए पहले से दर्ज है, जो उसके आपराधिक इतिहास को दर्शाती है।शिकायत में दावा किया गया है कि नासिर सिद्दीकी और उसके साथियों ने पीड़ित दूल्हा मियां के नाम से फर्जी शपथपत्र तैयार कराया। इस शपथपत्र में:
पीड़ित का फोटो नहीं लगा है।किसी अधिवक्ता द्वारा हस्ताक्षरों की सत्यता प्रमाणित नहीं की गई हस्ताक्षर पीड़ित के नहीं हैं
आरोप है कि इस फर्जी दस्तावेज को नोटरी से तस्दीक कराकर समझौते का झूठा हवाला दिया गया। पुलिस से कथित मिलीभगत कर अंतिम आख्या (क्लोजर रिपोर्ट) तैयार की गई और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बरेली की अदालत में पेश कर दी गई।जैसे ही पीड़ित को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, उन्होंने न्यायालय में अंतिम आख्या के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई। अब उन्होंने SSP बरेली से लिखित शिकायत में मांग की है कि नासिर सिद्दीकी सहित सभी आरोपियों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज हो।फर्जी शपथपत्र तैयार करने, उसे प्रयोग करने, धोखाधड़ी और साजिश रचने पर कठोर कार्रवाई हो
पीड़ित का कहना कि"ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई न हुई तो न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठेंगे। कुख्यात अपराधी फर्जी दस्तावेजों के बल पर बच न निकलें।"यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। SSP बरेली से अब शिकायत पर त्वरित जांच शुरू होने की उम्मीद है। जन माध्यम इस मामले की हर अपडेट पर नजर रखे हुए है।