भू-माफिया–पुलिस साठगांठ का आरोप, भावनपुर में मकान खाली कराने की कोशिश
मेरठ के भावनपुर क्षेत्र में किशनपाल ने भू-माफियाओं पर पुलिस से मिलीभगत कर मकान खाली कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसएसपी से एफआईआर दर्ज कराने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
➡️ भावनपुर थाना क्षेत्र में भू-माफिया–पुलिस साठगांठ का आरोप
➡️ अहमदपुरा निवासी किशनपाल ने एसएसपी से की शिकायत
➡️ वाद लंबित होने के बावजूद संपत्ति आगे बेचने का दावा
➡️ 20 दिसंबर की वीडियो में पुलिस की संदिग्ध भूमिका का आरोप
➡️ मकान खाली कराने का दबाव बनाने की बात कही
➡️ जान से मारने की धमकी और जबरन कब्जे की आशंका
➡️ पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
हशमे आलम/ जन माध्यम। मेरठ।
जनपद में भू-माफियाओं और पुलिस की कथित मिलीभगत को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। भावनपुर थाना क्षेत्र के अहमदपुरा, अब्दुल्लापुर निवासी किशनपाल ने आरोप लगाया है कि भू-माफियाओं ने स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर उनका मकान जबरन खाली कराने का प्रयास किया। पीड़ित ने इस संबंध में एसएसपी मेरठ को शिकायत पत्र सौंपते हुए एफआईआर दर्ज कराने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
किशनपाल के अनुसार, मकान संख्या 25 उन्हें वर्ष 2001 में अपने पिता स्वर्गीय हीरा की वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि उक्त संपत्ति को लेकर वाद न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद भू-माफियाओं ने कथित रूप से संपत्ति को अवैध तरीके से आगे बेच दिया।
पीड़ित का आरोप है कि 20 दिसंबर 2025 को थाना भावनपुर पुलिस भू-माफियाओं के साथ मिलकर उनके मकान पर पहुंची और उसे खाली कराने का दबाव बनाया। इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया गया है, जिसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
किशनपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, गाली-गलौज की जा रही है और जबरन कब्जा किए जाने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले ने एक बार फिर जिले में भू-माफियाओं के हौसले और कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।