फर्जी सूचना देने पर सिपाही निलंबित, विभाग में मचा हड़कंप

बिजनौर में तैनात सिपाही गुलाम मुर्तजा को फर्जी सूचना देने पर निलंबित कर दिया गया। डायल 112 पर संरक्षित पशु काटे जाने की झूठी जानकारी देने का मामला।

फर्जी सूचना देने पर सिपाही निलंबित, विभाग में मचा हड़कंप
HIGHLIGHTS:

सिपाही ने खुद दी थी फर्जी सूचना

संरक्षित पशु काटने की झूठी खबर निकली

जांच में खुली सच्चाई, तुरंत निलंबन

विभाग ने दिया सख्त संदेश

जन माध्यम

बिजनौर/बरेली। कानून की रक्षा करने वाला ही जब कानून से खिलवाड़ करने लगे, तो सवाल उठना लाज़मी है। एक सिपाही की लापरवाही नहीं, बल्कि सोची-समझी हरकत ने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में तैनात सिपाही गुलाम मुर्तजा को फर्जी सूचना देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिस सिस्टम पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी सिस्टम का हिस्सा खुद उसे गुमराह करता मिला।

मिली जानकारी के अनुसार, बरेली जिले के शीशगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बूंची निवासी सिपाही गुलाम मुर्तजा, जो वर्तमान में बिजनौर के हल्दौर थाने में तैनात था, ने 28 मार्च को डायल 112 पर अपने ही गांव में संरक्षित पशु काटे जाने की सूचना दी थी।

सूचना मिलते ही यूपी-112 और शीशगढ़ थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। लेकिन जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। पूरी सूचना झूठी निकली।

इसके बाद शीशगढ़ पुलिस ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य को भेज दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह रिपोर्ट बिजनौर भेजी गई, जहां के एसपी ने बिना देर किए सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

बिजनौर एसपी के पीआरओ धीरज सिंह सोलंकी ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक पुलिसकर्मी ने ऐसी झूठी सूचना क्यों दी? क्या यह महज शरारत थी या इसके पीछे कोई और मंशा छिपी है?

इस घटना के बाद पुलिस विभाग में सख्त संदेश गया है कि फर्जी सूचना देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी।

फिलहाल मामले में विभागीय जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि इस हरकत के पीछे की असली वजह सामने आ सके।