ड्यूटी के बोझ तले टूटी ज़िंदगी

बरेली में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर अधिकारियों की मौतें बढ़ीं। बिशारतगंज में प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा का हार्ट अटैक से निधन; पहले भी एक शिक्षक की मौत। कार्य दबाव, स्वास्थ्य अनदेखा; शिक्षक संगठन समीक्षा की मांग।

ड्यूटी के बोझ तले टूटी ज़िंदगी
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली: विशेष गहन पुनरीक्षण में बूथ अधिकारी विनोद कुमार शर्मा का हार्ट अटैक से निधन।
➡️ पहले भी एक शिक्षक की मौत; कार्य दबाव मानसिक तनाव बढ़ा।
➡️ परिवार ने स्वास्थ्य आधार पर ड्यूटी से मुक्ति मांगी, अनदेखा।
➡️ शिक्षक संगठन: उम्र-स्वास्थ्य ध्यान रखें, समीक्षा जरूरी।
➡️ प्रशासन दुर्भाग्य बता रहा; भविष्य में दबाव कम करने की अपेक्षा।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ स्तर अधिकारियों की लगातार मौतों ने सिस्टम को सोचने पर मजबूर किया


 डेस्क/ जन माध्यम 
बरेली। जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर अधिकारियों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित किया है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अद्यतन करने के उद्देश्य से कराई जा रही है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद इसके कार्यभार और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ताजा मामला बिशारतगंज क्षेत्र का है, जहां उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या संयुक्त विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया। वह बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान भाग में बूथ स्तर अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। रविवार रात्रि भोजन के बाद वह विश्राम करने चले गए थे, तभी देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार उन्हें हार्ट अटैक हुआ, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का कहना है कि वह लंबे समय से विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्य में लगे हुए थे और कार्य का दबाव उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा था। उनके पुत्र शिवांश शर्मा ने बताया कि उनके पिता वर्ष 2027 में सेवा निवृत्त होने वाले थे और उम्र संबंधी समस्याओं के साथ आंखों की परेशानी से भी जूझ रहे थे। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराते हुए इस अतिरिक्त कार्य से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे पहले भी जिले में एक अन्य शिक्षक की इसी प्रक्रिया के दौरान हार्ट अटैक  से मृत्यु होने की सूचना सामने आ चुकी है। लगातार दो घटनाओं के बाद बूथ स्तर अधिकारियों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रशासन को कर्मचारियों की उम्र, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां तय करनी चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। अब यह अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य सुचारु रूप से हो सके और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।