आने वाले अंधेरे से पहले की तैयारी 

बरेली में चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने गर्मियों से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सख़्त कार्रवाई की, लापरवाह अधिकारियों पर नोटिस व वेतन वृद्धि रोकने का फैसला लिया।

आने वाले अंधेरे से पहले की तैयारी 
HIGHLIGHTS:

➡️ चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश की सख़्त समीक्षा बैठक
➡️ राजस्व वसूली में लापरवाही पर कार्रवाई
➡️ शहर के चार जेई व एक एसडीओ को कारण बताओ नोटिस
➡️ ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई
➡️ रोज़ाना 10-10 ट्रांसफॉर्मर चेक करने के निर्देश
➡️ 11 केवी व 33 केवी ग्रिड की सघन जांच
➡️ ट्रिपिंग व फाल्ट रोकने की अग्रिम तैयारी
➡️ खुद मौके पर निरीक्षण करने की चेतावनी
➡️ बिजली बिल महाछूट के लिए जागरूकता रैली
➡️ गर्मियों से पहले बिजली का सुरक्षा कवच

जन माध्यम। बरेली।

सोमवार को हुई बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि यह उस दर्द और ज़िम्मेदारी की आवाज़ थी, जो हर गर्मी में अंधेरे से जूझती जनता के दिल से निकलती है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने सख़्त लहजे में जो कहा, उसके पीछे न गुस्सा था, न कुर्सी का अहंकार बल्कि एक साफ़ संदेश था लापरवाही नहीं चलेगी, क्योंकि बिजली केवल सुविधा नहीं, ज़िंदगी की ज़रूरत है। राजस्व वसूली में शिथिलता को लेकर उन्होंने दो टूक चेतावनी दी अगर काम में सुधार नहीं हुआ, तो कार्रवाई तय है। शहर के चार जेई विवेक, सुनील, इंद्राज, प्रदीप और एसडीओ प्रदीप कुमार को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लापरवाही पर सख़्त कदम उठाते हुए भुता के गोविंद चौहान, फतेहगंज पूर्वी के राम सिंह यादव, आंवला के मनोज कुमार, व सुनील कुमार सिंह, बहेड़ी के शेरवली और अलीगंज के नीरज कुमार की एक वर्ष की वेतन वृद्धि रोक दी गई। यह निर्णय कठोर ज़रूर है, पर उद्देश्य साफ़ है,व्यवस्था को दुरुस्त करना, जनता को राहत देना। चीफ इंजीनियर ने केवल चेतावनी देकर कर्तव्य पूरा नहीं माना। उन्होंने हर जेई, एसडीओ, अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को प्रतिदिन दस-दस ट्रांसफॉर्मर चेक करने का निर्देश दिया। जहाँ क्षमता बढ़ाने की ज़रूरत है, वहाँ तुरंत बढ़े, जहाँ नए ट्रांसफॉर्मर चाहिए, वहाँ अभी से योजना बने ताकि आने वाली गर्मियों में ट्रिपिंग और फाल्ट जनता की रातों की नींद न छीनें। उन्होंने साफ़ कहा, मैं खुद मौके पर जाकर ट्रांसफॉर्मर चेक करूंगा। जिसने काम नहीं किया, उसकी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय को भेजी जाएगी। यह सख़्ती नहीं, नेतृत्व का उदाहरण है।
इतना ही नहीं, 11 केवी और 33 केवी ग्रिड की सघन जांच, जंपर पेटी और सभी इंस्ट्रूमेंट की चेकिंग के निर्देश देकर उन्होंने तकनीकी तैयारी को प्राथमिकता दी ताकि संकट आने से पहले ही समाधान खड़ा हो। उनकी भाषा तीखी थी, पर मकसद नरम जनता को परेशानी से बचाना।
राजस्व सुधार के लिए भी मानवीय पहल दिखी। आज और कल सभी मीटर रीडरों द्वारा बाइक रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया जाएगा कि बिजली बिल पर महाछूट का आख़िरी अवसर है लोग समय पर बिल जमा करें, छूट का लाभ लें और व्यवस्था मज़बूत बने।
चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश का यह कदम बताता है कि जब अधिकारी मैदान में उतरता है, तब फाइलें चलती हैं और अंधेरे हटते हैं। सख़्ती में छिपी यह संवेदना ही वह रोशनी है, जो आने वाली गर्मियों में घर-घर उजाला बनाए