बिना धन दिए नहीं होती डिलीवरी!... प्रसव के बदले अवैध वसूली करने वाली एएनएम को डिलीवरी पाइंट से हटाया, जाने मामला....
1. नोटिस जारी, जांच शुरू
देवरनियां, बरेली। ब्लॉक दमखोदा (रिछा) की सीएचसी रिछा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) मुंडिया नबीबख्श पर तैनात स्टाफ नर्स द्वारा प्रसव के बाद छुट्टी देने के नाम पर अवैध वसूली करने का वीडियो वायरल होने के मामले हुई किरकिरी के बाद महकमा-ए-सेहत एक्शन मूड में आ गया है। आरोपी एएनएम पर कार्रवाई करते हुए उसे डिलीवरी केन्द्र से हटा दिया गया है और नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। साथ ही उच्च अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई के लिए लिखा गया है। एक तरफ प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है और कुछ सरकारी मुलाजिम प्रदेश सरकार की इस योजना को पलीता लगा रहे हैं।
प्रदेश सरकार की जननी सुरक्षा योजना और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और निशुल्क प्रसव योजना के बावजूद स्टाफ नर्सों ने इसे वसूली केन्द्र बना दिया है। बिना धन उगाही के डिलीवरी नहीं की जाती। बुधवार को पीएचसी मुंडिया नबी बख्श डिलीवरी केन्द्र पर तैनात एक स्टाफ नर्स पूनम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रसव पीड़ा महिला को छुट्टी देने के नाम पर अवैध धन उगाही कर रही है। इस वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर करारा तमाचा मारा है। वायरल वीडियो के बाद हरकत में आए महकमे की तरफ से आरोपी एएनएम पर कार्रवाई का चाबुक चला है।
सीएचसी रिछा के इंचार्ज का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे डॉ० शशांक यादव ने के मुताबिक आरोपी एएनएम पर कार्रवाई करते हुए उसे उस पोस्ट से हटा दिया गया है,और स्पष्टीकरण भी तलब भी किया गया है। इसके अलावा दंडात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।
"जिस एएनएम का वीडियो वायरल हुआ है, उसको उस पोस्ट से हटा दिया गया है। स्पष्टीकरण मांगा गया है और उच्च अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। जांच कराई जा रही है, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी- डॉ. शशांक यादव, सीएचसी इंचार्ज रिछा।"