गरीबों के घरों में पहुंची रोशनी, चीफ इंजीनियर

बरेली में एलओएच योजना के तहत गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जसनपुर गांव से अभियान की शुरुआत हुई।

गरीबों के घरों में पहुंची रोशनी, चीफ इंजीनियर
गरीबों के घरों में पहुंची रोशनी, चीफ इंजीनियर
HIGHLIGHTS:

गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाने का अभियान तेज
जसनपुर गांव में 15 नए कनेक्शन प्रक्रिया में
चीफ इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर की निगरानी

जन माध्यम 
बरेली।
बिजली विभाग की अक्सर सुर्खियों में रहने वाली सुस्त कार्यप्रणाली के बीच अब एक सकारात्मक बदलाव की तस्वीर उभरती नजर आ रही है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने सरकार की मंशा के अनुरूप गरीब और वंचित परिवारों तक बिजली पहुंचाने की दिशा में ठोस पहल करते हुए जमीनी स्तर पर काम शुरू करा दिया है। एलओएच, लाइट ऑफ होप योजना के तहत ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का अभियान तेज किया गया है, जिनके घर आज तक अंधेरे में डूबे हुए थे। इस योजना को लेकर विभाग अब सिर्फ कागजी दावों तक सीमित नहीं है, बल्कि चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश स्वयं मैदान में उतरकर कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को उन्होंने बहेड़ी डिवीजन के अंतर्गत आने वाले शीशगढ़ क्षेत्र के जसनपुर गांव का दौरा किया। यहां बिजलीघर से जुड़े करीब 15 परिवारों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिन्हें अब योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जा रहा है।
जसनपुर गांव में पहुंचकर चीफ इंजीनियर ने न केवल कार्यों का निरीक्षण किया, बल्कि मौके पर ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह मंशा है कि कोई भी गरीब परिवार बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे और इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि जिले में अभी भी कई ऐसे गांव और बस्तियां हैं, जहां बिजली की पहुंच अधूरी है या फिर लोग कनेक्शन लेने में सक्षम नहीं हो पाए हैं। ऐसे में एलओएच योजना उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अब तक किसी कारणवश बिजली सुविधा से वंचित रहे हैं।
ज्ञान प्रकाश की कार्यशैली की खास बात यह है कि वह सिर्फ कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद मौके पर जाकर हकीकत को परखते हैं। उनके इस रवैये से विभागीय अमले में भी सक्रियता आई है। कर्मचारियों में यह संदेश साफ तौर पर गया है कि अब काम में ढिलाई या लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की है। जसनपुर के कई परिवारों ने बताया कि उन्होंने वर्षों से बिजली कनेक्शन के लिए प्रयास किए, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने और आर्थिक तंगी के कारण वे सफल नहीं हो सके। अब जब विभाग खुद उनके दरवाजे तक पहुंच रहा है, तो उन्हें एक नई उम्मीद जगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बहेड़ी डिवीजन से शुरू हुई यह पहल जल्द ही जिले के अन्य हिस्सों में भी लागू की जाएगी। इसके लिए सर्वे कार्य भी तेज कर दिया गया है, ताकि ऐसे परिवारों की पहचान की जा सके, जिन्हें इस योजना का लाभ मिल सकता है। चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी आवेदन पत्रों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि आज के समय में जीवन की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा हर क्षेत्र में बिजली की अहम भूमिका है। ऐसे में हर घर तक बिजली पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस पूरे अभियान में ज्ञान प्रकाश का नेतृत्व विभाग के लिए एक नई दिशा तय करता नजर आ रहा है। जहां एक ओर सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने का दबाव रहता है, वहीं दूसरी ओर विभागीय स्तर पर उनकी प्रभावी क्रियान्वयन की चुनौती भी होती है। 
अगर इसी तरह से यह अभियान निरंतर गति पकड़ता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब जिले के हर गरीब और जरूरतमंद परिवार के घर में भी बिजली की रोशनी पहुंचेगी। फिलहाल, जसनपुर से शुरू हुई यह पहल एक सकारात्मक संकेत है कि अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ने का सफर तेज हो चुका है।