मीटर लगाने पहुंची टीम से बवाल
मेरठ के मोरीपाड़ा में बिजली मीटर लगाने पहुंची टीम से गाली-गलौच व धक्का-मुक्की, धमकी का वीडियो वायरल।
➡️ बिजली मीटर लगाने पहुंची टीम से गाली-गलौच
➡️ धक्का-मुक्की और धमकी का वीडियो वायरल
➡️ लाइनमैन पर लोगों को भड़काने के आरोप
➡️ मीटरों की सील टूटी मिलने का दावा
➡️ एसडीओ ने जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला
हशमे आलम/ जन माध्यम
मेरठ। कोतवाली क्षेत्र के मोरीपाड़ा इलाके में नए बिजली मीटर लगाने पहुंची विद्युत विभाग की टीम के साथ गाली-गलौच और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति खुलेआम गाली देता हुआ और नाम व मीटर के बारे में पूछने पर “डंडे से बताऊंगा” कहकर धमकी देता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की मीटर लगाने वाली टीम क्षेत्र में नए मीटर स्थापित करने पहुंची थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गया। टीम के सदस्यों का आरोप है कि उन्हें न सिर्फ अपशब्द कहे गए, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
मीटर लगाने वाली टीम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र का लाइनमैन ही स्थानीय लोगों को भड़का रहा था और मीटर नहीं लगने दे रहा था। टीम का दावा है कि विरोध में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि लाइनमैन भी शामिल था और उसी ने सरकारी कार्य में बाधा डलवाई।
टीम का यह भी कहना है कि कई स्थानों पर मीटरों की सील टूटी हुई मिली हैं, जिससे बिजली खपत में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। उनका आरोप है कि सरकारी कार्य का विरोध जनता से नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र से जुड़े कुछ लोग ही करवा रहे हैं।
मामले में क्षेत्र के एसडीओ से जब सवाल किया गया तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि न तो लाइनमैन और न ही मीटर लगाने वाली टीम उनके अधीन आती है। एसडीओ के इस बयान से विभागीय जिम्मेदारी और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मीटर लगाने वाली टीम ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में मीटर लगाने को लेकर ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ता है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है और पुलिस व विभागीय अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
घटना ने साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि आंतरिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत न हो, तो हालात किस तरह बिगड़ सकते हैं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और आरोपों के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।