खामोश हुई नवाब जान की आवाज
सैंथल के मशहूर मीलाद ख्वान नवाब जान का इंतकाल, पूरे कस्बे में शोक की लहर।
सुबह चार बजे नवाब जान का इंतकाल
मशहूर मीलाद ख्वान के रूप में थी पहचान
कड़क और जादुई आवाज से थे मशहूर
कस्बे में शोक की लहर, लोगों ने दी श्रद्धांजलि
जन माध्यम
सैंथल/बरेली। सुबह की खामोशी में जब हर घर नींद में डूबा था, तभी एक ऐसी खबर ने पूरे कस्बे को गमगीन कर दिया, जिसने हर दिल को झकझोर दिया। मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी मशहूर मीलाद ख्वान नवाब जान का आज तड़के लगभग चार बजे इंतकाल हो गया।
नवाब जान अपनी बुलंद और जादुई आवाज के लिए पूरे कस्बे में जाने जाते थे। जहां कहीं भी मीलाद का कार्यक्रम होता, उन्हें खास तौर पर बुलाया जाता था। उनकी आवाज में ऐसी कशिश थी कि जैसे ही नात ए नबी की सदा गूंजती, सुनने वालों के दिल खुद ब खुद उनकी तरफ खिंच जाते थे।
लोग बताते हैं कि रात के सन्नाटे में जब उनकी आवाज घरों तक पहुंचती थी, तो बिस्तर पर लेटे लोग भी भावुक हो उठते थे और अनायास ही उनके लिए दुआएं निकलती थीं। नवाब जान ने अपनी पूरी जिंदगी इबादत और मोहब्बत के पैगाम को अपनी आवाज के जरिए फैलाने में गुजार दी।
व्यक्तिगत जीवन में भी उन्होंने कई दुख झेले। उनकी पत्नी का इंतकाल काफी पहले हो चुका था। कुछ साल पहले उनके जवान बेटे का भी निधन हो गया था, जिसके बाद वह अपने परिवार के साथ सादगी भरा जीवन जी रहे थे। परिवार में पुत्रवधू, तीन पोते और दो पोतियां हैं, जो अब उनके साये से महरूम हो गए हैं।
आज सुबह उन्होंने अपने ही बिस्तर पर आखिरी सांस ली और इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और लोग उनके घर पहुंचकर परिवार को तसल्ली देने लगे।
पत्रकार सरफराज खान, वसीम फौजी, असलम अली, हनीफ साहिल, असीर मोहम्मद, अनवर हसन, हनीफ मोहम्मद, अशरफ अली, महबूब अली समेत अनेक लोगों ने नवाब जान को खिराज ए अकीदत पेश करते हुए कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
नवाब जान की आवाज भले ही आज खामोश हो गई हो, लेकिन उनकी नात और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।