जटुपट्टी में धर्म जागरण की अलख

भोजीपुरा क्षेत्र के ग्राम जटुपट्टी में प्रतिदिन प्रभात फेरी के माध्यम से धर्म जागरण हो रहा है। राम नाम के संकीर्तन से गांवों में भक्तिमय वातावरण बन रहा है।

जटुपट्टी में धर्म जागरण की अलख
HIGHLIGHTS:

➡️ जटुपट्टी में प्रतिदिन निकल रही प्रभात फेरी
➡️ राम नाम के संकीर्तन से भक्तिमय माहौल
➡️ मानस सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजन
➡️ डॉ. बृजेश यादव की सक्रिय सहभागिता

सरफराज़ खान/ जन माध्यम
सेंथल (बरेली)।
धर्म और समाज जागरण के उद्देश्य से भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जटुपट्टी में प्रतिदिन प्रभात फेरी निकाली जा रही है। यह आयोजन डॉ. बृजेश यादव द्वारा संचालित मानस सेवा समिति के आग्रह पर किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास हो रहा है।

मानस सेवा समिति के तत्वावधान में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। इसी क्रम में माघ माह के दौरान ग्राम जटुपट्टी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड कार्यवाह हरीश वर्मा के नेतृत्व में निकलने वाली प्रतिदिन की प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।

इस प्रभात फेरी में मानस सेवा समिति के संस्थापक डॉ. बृजेश यादव, भुता, नवाबगंज और बरेली क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं के साथ पहुंचे। प्रभात फेरी के दौरान संकीर्तन किया गया और राम नाम की महिमा पर विस्तार से व्याख्यान दिया गया। पूरे गांव में “राम नाम” की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

डॉ. बृजेश यादव के धार्मिक और सामाजिक कार्यों की चर्चा दूर-दूर तक है। सम्भव अस्पताल, बरेली में वह अभिभावकों की अनुमति के पश्चात नवजात शिशु के जन्म के बाद राम नाम, गायत्री मंत्र और श्रीरामचरितमानस की चौपाइयां सुनाने की परंपरा निभाते हैं। इसके साथ ही अपने अस्पताल स्थित हनुमत धाम में 108 दिवस तक लगातार श्रीरामचरितमानस का पाठ कराया गया।

इतना ही नहीं, एक दिसंबर से इकत्तीस दिसंबर तक “श्रीराम राम जयराम जयजयराम” का अखंड पाठ भी संपन्न कराया गया। डॉ. बृजेश यादव अयोध्या और मथुरा के बाद सम्भल धाम की परिक्रमा भी कर चुके हैं। राम नाम की महिमा और उनकी प्रभावशाली व्याख्याओं के कारण लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “बरेली का तुलसी” कहने लगे हैं।

प्रभात फेरी और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल धर्म जागरण हो रहा है, बल्कि सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा मिल रही है।