आग में राख हुई मेहनत

बहेड़ी के सिंहोती गांव में भीषण आग से 2000 बीघा गेहूं की फसल राख, किसानों पर आर्थिक संकट गहराया।

आग में राख हुई मेहनत
HIGHLIGHTS:

2000 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख

तेज हवा से आग ने लिया विकराल रूप

किसानों पर कर्ज और परिवार का संकट

प्रशासन से मुआवजे की उठी मांग

जन माध्यम

बहेड़ी, बरेली। लहलहाती फसलें जब राख के ढेर में बदल जाएं, तो सिर्फ खेत ही नहीं जलते, बल्कि किसानों के सपने भी खामोश हो जाते हैं। बहेड़ी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिंहोती में लगी भीषण आग ने कुछ ऐसा ही मंजर पैदा कर दिया, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।

अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने करीब 2000 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवा के चलते लपटें तेजी से फैलती चली गईं। किसानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी महीनों की मेहनत पलभर में राख हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों के प्रयास भी नाकाफी साबित हुए। हालांकि ग्रामीणों और पुलिस ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था और खेतों में सिर्फ धुआं और राख ही बची थी।

इस हादसे ने किसानों की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह हिला दिया है। पीड़ित किसान हैदर अली पुत्र हसनैन ने बताया कि उन्होंने फसल बेचकर किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुकाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं। उनका कहना है कि अब परिवार का खर्च चलाना भी चुनौती बन गया है।

आग की इस त्रासदी ने कई परिवारों की खुशियों को भी छीन लिया है। जिन घरों में बेटियों की शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा और मायूसी का माहौल है। किसान परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक और चिंता की लहर दौड़ गई है।

पीड़ित किसानों और स्थानीय संगठनों ने प्रशासन से तत्काल राहत, नुकसान का सही आकलन और उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही समाज के लोगों से भी अपील की गई है कि इस मुश्किल घड़ी में किसानों की मदद के लिए आगे आएं।

बहेड़ी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अज्ञात कारणों से गेहूं की फसल में आग लगने की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही जा रही है।