Bareilly Breaking: पकी फसल पर आग ने फेरा पानी, 40 बीघा गेहूं जलकर खाक
1. दमकल के पहुंचने तक आग ने विकराल रूप लिया
2. किसान झाड़ियों से बुझाते रहे लपटें
3. लेखपाल ने किया मुआयना:
मीरगंज-बरेली (कर्ण पाल सिंह)। गर्मियों की तपिश और खेतों में सूखी फसल, इन दोनों के मेल ने मंगलवार को गुलड़िया गांव के किसानों पर कहर बरपा दिया। खेतों में कटाई के दौरान अचानक लगी आग ने देखते ही देखते 40 बीघा में खड़ी पकी गेहूं की फसल को निगल लिया। जानकारी के मुताबिक गांव गुलड़िया के रहने वाले मुन्ना लाल मुखिया के खेत में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि शानू पुत्र मुन्ना लाल के खेत के साथ-साथ आस-पास की पूरी फसल चपेट में आ गई। खेत में कटाई कर रहे किसान अपने हाथों में झाड़ियां और पानी की बाल्टियां लेकर लपटों से भिड़ गए, लेकिन तेज हवा और सूखी फसल के चलते आग बेकाबू हो गई।
चुन्नीलाल की मेहनत जलकर राख
स्थानीय के मुताबिक खेत की फसल मिलक तहसील क्षेत्र के दोबाहाट गांव निवासी चुन्नीलाल ने ठेके पर ली थी। महीनों की मेहनत, उधारी पर जुटाया गया बीज, खाद और सिंचाई का सारा इंतजाम — चंद मिनटों में राख हो गया। खुद चुन्नीलाल ने बताया कि जिस दिन फसल कटनी थी, उसी दिन किस्मत फसल को जला ले गई।
दमकल ने पहुंचकर पाया काबू, लेखपाल ने किया मुआयना
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फायर स्टेशन इंचार्ज राजवीर सिंह, अशोक यादव और विष्णु ने मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाया।
इधर हल्का लेखपाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और जली हुई फसल का मुआयना किया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
फसल कटाई के मौसम में क्यों नहीं होती अलर्ट व्यवस्था
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन की ढिलाई को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि फसल कटाई के इस संवेदनशील मौसम में न तो निगरानी होती है, न कोई अग्निशमन इंतजाम। अगर दमकल समय पर न पहुंचती, तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था।