जाम में फंसे अफसर और बेबस होती व्यवस्था

वृंदावन में ट्रैफिक जाम की समस्या इतनी गंभीर कि समाधान के लिए पहुंचे एसपी ट्रैफिक मनोज यादव खुद ही जाम में फंस गए।

जाम में फंसे अफसर और बेबस होती व्यवस्था
HIGHLIGHTS:

जाम के समाधान को पहुंचे एसपी खुद फंसे जाम में

एक घंटे तक कोशिश के बाद भी नहीं खुला जाम

व्यापारियों के साथ बैठक में उठे कई मुद्दे

शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक समस्य

श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा।
कभी कभी हालात ऐसे हो जाते हैं कि समस्या का हल ढूंढने निकला व्यक्ति खुद उसी समस्या में उलझ जाता है और यही तस्वीर आज वृंदावन की सड़कों पर देखने को मिली।

ठाकुर बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो चुकी है। इसी जाम के समाधान के लिए एसपी ट्रैफिक मनोज यादव व्यापारियों के साथ चर्चा करने पहुंचे थे, लेकिन उनकी गाड़ी ही रास्ते में जाम में फंस गई।

मिर्जापुर वाली धर्मशाला के पास एसपी ट्रैफिक की गाड़ी लंबे जाम में घिर गई। हालात ऐसे थे कि उन्हें और सीओ ट्रैफिक आशीष कुमार को गाड़ी से उतरकर खुद जाम खुलवाने की कोशिश करनी पड़ी। करीब एक घंटे तक प्रयास करने के बावजूद जाम पूरी तरह नहीं खुल सका।

इसके बाद एसपी ट्रैफिक सीएफसी चौराहा पहुंचे, जहां अनाजमंडी में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में जाम के मुख्य कारणों पर चर्चा हुई और समस्या वाले स्थानों को चिन्हित किया गया।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष आलोक बंसल ने अधिकारियों को जाम से होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। व्यापारी नेताओं लक्ष्मीनारायण दीक्षित, आशीष ठाकुर, आनंद गुप्ता, भीमसेन अग्रवाल, आशीष अग्रवाल और हिमांशु ने वृंदावन को जाम से मुक्ति दिलाने की मांग उठाई।

बैठक के बाद जब एसपी ट्रैफिक और सीओ की गाड़ियां सीएफसी तिराहे से आंबेडकर पार्क होते हुए मथुरा की ओर बढ़ीं, तो वहां भी लंबा जाम लगा मिला। दोनों अधिकारियों ने फिर से गाड़ी से उतरकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन करीब आधा घंटा जूझने के बाद भी जाम नहीं खुल सका।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब व्यवस्था संभालने वाले ही जाम में फंस जाएं, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।