अटल सभागार में जश्न-ए-हुनर

मेरठ अटल सभागार में संस्कार उत्सव का धमाकेदार आगाज! युवा संसद, बोलताल, बहस में नौजवानों ने दिखाया दम। विधायक अमित अग्रवाल ने दी प्रेरणा, सर्वश्रेष्ठ वक्ता यशवर्धन प्रेमी।

अटल सभागार में जश्न-ए-हुनर
HIGHLIGHTS:

➡️ अटल सभागार में संस्कार उत्सव का शानदार पहला दिन
➡️ कला वाटिका बच्चों की मोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति
➡️ युवा संसद: सर्वश्रेष्ठ वक्ता यशवर्धन प्रेमी
➡️ बोलताल व बहस में कृष्णा भाटिया बनीं टॉप डिबेटर
➡️ मुख्य अतिथि विधायक अमित अग्रवाल ने युवाओं को दिया देशसेवा का मंत्र
➡️ निर्णायक: डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. बीनुम यादव, डॉ. दीपिका वर्मा

संस्कार उत्सव में युवा प्रतिभाओं ने बिखेरी रचनात्मकता की चमक

जन माध्यम 
मेरठ।
अटल सभागार में आज नौजवान प्रतिभाओं का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने माहौल को रौनक, जज़्बे और उमंग से भर दिया। वाइटर्स वर्स की ओर से आयोजित बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम ‘संस्कार उत्सव  का पहला दिन बड़ी शान और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का मक़सद युवाओं की रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को मज़बूत मंच प्रदान करना है। तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार विद्यालय तथा ‘राज्शा’ सहयोगी संस्थाओं के रूप में कार्यक्रम से जुड़े रहे।कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवा फ़नकारों और बहस व भाषण प्रतियोगिताओं से जुड़े प्रतिभागियों की सक्रिय मौजूदगी ने पूरे सभागार में ऊर्जा की एक नई लहर पैदा कर दी। मुख्य अतिथि के रूप में कैंट क्षेत्र के विधायक अमित अग्रवाल उपस्थित रहे जिन्होंने संबोधन में नौजवानों को देश निर्माण में अपनी भूमिका को और मज़बूत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और ज्ञान-विमर्श से जुड़े ऐसे मंच युवाओं की सोच को नई दिशा देते हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ कला वाटिका विद्यालय के बच्चों की दिलकश सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुआ, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और महफ़िल में तहज़ीबी रंग बिखेर दिए।दिन का प्रमुख आकर्षण रहा युवा संसद सत्र, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रभावशाली वक्तृत्व, तार्किक सोच और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
 सर्वश्रेष्ठ वक्ता युवा संसद यशवर्धन प्रेमी इसके बाद बोलताल में युवाओं ने सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने सशक्त विचार रखे।
 राज्शा’ द्वारा आयोजित युवा संवाद में बहस का रोमांचपूर्ण दौर चला, जहाँ प्रतिभागियों ने मजबूत तर्कों से अपने पक्ष को पेश किया।
सर्वश्रेष्ठ वाद-विवादी कृष्णा भाटिया प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल— डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. बीनुम यादव और डॉ. दीपिका वर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों के हुनर की प्रशंसा करते हुए उन्हें लगातार आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दिया।
‘संस्कार उत्सव का पहला दिन पूरी तरह युवा ऊर्जा, तख़्लीक़ी सोच, कला और तालीमी जागरूकता को समर्पित रहा एक ऐसा आग़ाज़, जिसने आने वाले दिनों के लिए उम्मीदों की नई मिसाल कायम कर दी।