अपूर्व,संजना की शादी में पहुँचे सीएम योगी
आईवीआरआई परिसर में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र के विवाह समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुँचे और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
➡️ अपूर्व–संजना की शादी में पहुंचे सीएम योगी
➡️ नवविवाहित जोड़े को दिया आशीर्वाद
➡️ संतोष गंगवार परिवार संग तस्वीरें खिंचवाईं
➡️ कई मंत्री मंच पर रहे मौजूद
➡️ आईवीआरआई परिसर में गरिमामय समारोह
वर वधु को दिया आशीर्वाद, मंत्रियों संग शामिल हुए समारोह में
जन माध्यम
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित आईवीआरआई गुरुवार की शाम एक यादगार पल का साक्षी बना, जब झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र के विवाह समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं शामिल हुए। वातावरण में उत्साह, सम्मान और अपनत्व का ऐसा रंग घुला कि आयोजन में मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई। मुख्यमंत्री का आगमन न केवल परिवार के लिए विशेष क्षण रहा, बल्कि पूरे समारोह के माहौल को और अधिक गरिमामय बना गया।
मुख्यमंत्री मंच पर पहुँचे तो सबसे पहले नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। वर वधु ने विनम्रता और भावुकता से सीएम का आशीर्वाद ग्रहण किया। उस पल में मौजूद सभी लोगों को महसूस हो रहा था कि आयोजनों में नेताओं का जाना एक प्रोटोकॉल भर नहीं होता कई बार यह एक परिवार के महत्वपूर्ण क्षण में दिल से की गई भागीदारी भी होती है। योगी आदित्यनाथ का व्यवहार, उनकी सहजता और नवदम्पति को दिया गया स्नेह पूरे माहौल को मानवीय गर्माहट से भर गया। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, दयाशंकर सिंह, जेपीएस राठौर सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य इस खुशी के अवसर में सहभागी बने। सभी ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएँ दीं और परिवार के साथ आत्मीयता से मुलाकात की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंच पर मौजूद परिवार के बुजुर्गों और सदस्यों का आशीर्वाद लिया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। तस्वीरों में दिखाई दे रहा अपनापन यह बताने के लिए पर्याप्त था कि राजनीतिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी मानवीय रिश्तों की गर्मी कम नहीं होती। जिन लम्हों में परिवार, परंपरा और सौहार्द एक साथ खड़े दिखाई दें वहीं समारोह की असली खूबसूरती बसती है। आईवीआरआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में आयोजित यह विवाह समारोह पूर्ण अनुशासन, सांस्कृतिक गरिमा और शानदार व्यवस्था का प्रतीक था। परिसर में सजावट, स्वागत और मेहमाननवाज़ी सबमें एक अलग ही शालीनता और मधुरता झलक रही थी। राज्यपाल संतोष गंगवार ने सभी अतिथियों का बड़े आत्मीय भाव से स्वागत किया। मुख्यमंत्री के आगमन ने समारोह को और अधिक विशेष बना दिया, और यह क्षण परिवार तथा उपस्थित सभी लोगों के दिल में लंबे समय तक बस जाने वाला रहा। शादी समारोह के दौरान न किसी तरह की राजनीतिक बातचीत का माहौल था, न कोई औपचारिकता बस एक परिवार की खुशी, मेहमानों का सम्मान और रिश्तों की गर्मजोशी। यही वजह है कि यह शादी सिर्फ एक आयोजन नहीं रही यह वह अवसर बन गई जहां लोगों ने महसूस किया कि बड़े पदों के पीछे भी एक दिल होता है, रिश्तों की अहमियत होती है और खुशी बाँटने की परंपरा जीवित रहती है। झारखंड के राज्यपाल के परिवार के लिए यह दिन जीवन के सबसे खास दिनों में दर्ज हो गया। और बरेली ने भी देखा कि जब दो पीढ़ियाँ, दो संस्कृतियाँ और कई सम्मानित चेहरे एक ही मंच पर मुस्कान साझा करते हैं तो खुशी की चमक और भी गहरी हो जाती है।