हरिद्वार मनसा देवी में भगदड़ से गई मासूम की जान, गांव पहुंचा शव, नम आंखों से किया अंतिम संस्कार
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की दर्दनाक घटना में शीशगढ़ के 8 वर्षीय आरुष की मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, नम आंखों से किया गया अंतिम संस्कार। प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे परिजनों से मिलने।
1. मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे थे परिवार के सदस्य
2. मां-बेटी घायल, बेटे आरुष की मौत से टूटा परिवार
शीशगढ़, बरेली। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में शीशगढ़ के गांव सहोडा निवासी आठ वर्षीय आरुष की दर्दनाक मौत हो गई। मासूम के शव के सोमवार सुबह गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों ने नम आंखों से बेटे का अंतिम संस्कार किया। आरुष अपनी मां निर्मला देवी, बहन सौम्या और अन्य परिजनों के साथ हरिद्वार दर्शन और गंगा स्नान को गया था। बताया जा रहा है कि गांव से दो ट्रैक्टर ट्रॉली में करीब 60 से अधिक श्रद्धालु गए थे। हादसा उस वक्त हुआ जब सभी मनसा देवी मंदिर के दर्शन के लिए लाइन में लगे थे।
भीड़ अचानक अनियंत्रित हो गई और भगदड़ मच गई। निर्मला देवी ने बताया कि जैसे ही भगदड़ मची, उन्होंने बच्चों को बचाने की कोशिश की लेकिन भीड़ ने उन्हें रौंद डाला। वह खुद भी गिर गईं और उनके दोनों बच्चे भी नीचे दब गए। हादसे में निर्मला के पैर में फ्रैक्चर हो गया, बेटी घायल हुई जबकि आरुष की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर हालत में घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आरुष को मृत घोषित कर दिया। शव का एम्स में पोस्टमार्टम हुआ और सोमवार सुबह गांव पहुंचा।
मासूम की मौत की खबर सुनकर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आरुष लोटस इंग्लिश मीडियम स्कूल शीशगढ़ में कक्षा 2 का छात्र था। हादसे की खबर मिलते ही स्कूल में छुट्टी कर दी गई और सभी शिक्षक बच्चे के घर पहुंचे। मृतक के पिता प्रवेश यदुवंशी की शीशगढ़ बाजार में ज्वैलरी की दुकान है। आरुष उनका इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से मां निर्मला सदमे में हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. डीसी वर्मा, संजय चौहान, रामप्रकाश गुप्ता, अरविंद गंगवार, मुन्नू गंगवार और तरुण गंगवार आदि परिजनों से मिलने पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।