एंबुलेंस का रास्ता मत रोकिए, डीआईजी
बरेली रेंज डीआईजी अजय साहनी का इंसानी फैसला: एंबुलेंस रास्ता रोकने पर 10 हजार जुर्माना। चालक वीडियो बनाएंगे, पहले समझाइश फिर सख्ती। शाहजहांपुर घटना से प्रेरित अभियान।
➡️ एंबुलेंस रोकने पर सीधे 10 हजार रुपये जुर्माना
➡️ डीआईजी अजय कुमार साहनी का मानवीय लेकिन सख्त आदेश
➡️ एंबुलेंस चालक अब वीडियो-फोटो बनाकर देंगे सबूत
➡️ पहले लोगों को समझाया जाएगा, फिर लगेगा चालान
➡️ शाहजहांपुर की घटना से प्रेरित - मरीज की सांसें बचाने का अभियान
➡️ डीआईजी बोले: एंबुलेंस में किसी की जिंदगी रो रही होती है
➡️ बरेली रेंज में हर दिल तक पहुंचेगा संदेश - रास्ता देना फर्ज है
किसी की आख़िरी सांसें न थमें रास्ता रोका तो लगेगा 10 हज़ार का जुर्माना
जन माध्यम
बरेली। अब एंबुलेंस को रास्ता मत रोकिए,क्योंकि उसके भीतर किसी माँ की साँस, किसी बच्चे की उम्मीद, किसी बेटे की आखिरी पुकार चल रही होती है,शाहजहांपुर की वह घटना जहाँ एक कार ने एंबुलेंस को कई मिनटों तक रोककर रखा सिर्फ जाम नहीं था वह किसी की ज़िंदगी के छीन लिए गए अनमोल मिनट थे।
अंदर पड़े मरीज की हर धड़कन, हर साँस…जैसे कांच की तरह टूट रही थी।यह दृश्य जब रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी तक पहुंची
तो उन्होंने इसे ट्रैफिक उल्लंघन नहीं माना,इसे इंसानियत पर किए गए प्रहार के रूप में देखा। अब एंबुलेंस रोकने वाले को 10 हजार का दंड
क्योंकि हर देरी, मौत को बुलावा है
डीआईजी साहनी ने जिस दृढ़ आवाज़ में आदेश जारी किया
वह सिर्फ कानून की भाषा नहीं थी,
वह एक इंसान की पुकार थी,
जो दर्द को देखता है,जो जानता है कि एंबुलेंस में बजता सायरन दरअसल किसी परिवार की टूटती उम्मीद का शोर होता है।
उन्होंने कहा जो एंबुलेंस का रास्ता रोकेगा, वह किसी का जीवन रोकेगा।अब ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।यह शब्द नहीं सड़क पर मरते हुए इंसान की तरफ बढ़ाया गया सुरक्षा कवच है।रास्ता रोकने वालों की तस्वीरें सबूत बनेंगी, और कार्रवाई उसी क्षण होगी
एंबुलेंस का चालक जब जाम में फँसता है तो सिर्फ उसका वाहन नहीं रुकता,उसके साथ किसी का इलाज, किसी की उम्मीद, किसी परिवार का भविष्य भी रुक जाता है।इसलिए डीआईजी साहनी ने उन्हें अधिकार दिया अब हर चालक वीडियो और फोटो बना सकेगा।
और उस एक तस्वीर पर दोषी पर 10 हजार रुपये का दंड चलेगा।बरेली रेंज में चल रहा है दिल को छू लेने वाला अभियान पहले समझाया जाएगा,फिर कानून की कठोरता सिखाई जाएगी डीआईजी साहनी ने यह नहीं कहा कि लोगों पर केवल जुर्माने की बरसात की जाए।
उन्होंने कहा पहले लोगों को मानवीयता समझाओ किसी की जिंदगी का मूल्य बताओ
फिर जो न समझे, उस पर कानून का हाथ उठाओ।उनके फैसले में सिर्फ सख्ती नहीं,एक ऐसी गहराई है जिसमें डूबकर कोई भी समझ सकता है,एंबुलेंस को रोककर आप सिर्फ एक वाहन नहीं रोकते,
आप किसी माँ के आँसू,
किसी पिता की उम्मीद,
किसी बच्चे का भविष्य,
किसी बुज़ुर्ग की आखिरी साँस रोक देते हैं।अब सायरन सिर्फ आवाज़ नहीं होगी एक जीवन का संदेश होगा।और डीआईजी साहनी के आदेश से यह संदेश हर दिल तक पहुँचेगा,रास्ता देना दया नहीं, फर्ज़ है।और कोई फर्ज़ इतना पवित्र नहीं होता जितना किसी की जान बचाना।