बिजली विभाग की बदली तस्वीर, पीएम सूर्य घर योजना को मिली रफ्तार...

बिजली विभाग की बदली तस्वीर, पीएम सूर्य घर योजना को मिली रफ्तार...
HIGHLIGHTS:

1. अब हर हफ्ते होगी समीक्षा बैठक
2. बदलाव महसूस कर रहे वेन्डर्स

बरेली। जब सिस्टम चल पड़े और नेतृत्व संकल्प से भरा हो, तो बदलाव ज़मीन पर साफ दिखाई देता है। ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला बरेली ज़ोन में जहाँ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब कागज़ों से निकलकर घर-घर उजाला पहुँचा रही है। इस परिवर्तन का श्रेय जाता है बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर ब्रहमपाल को। जिन्होंने शुक्रवार आयोजित एक बैठक कर व्यवस्था में नई जान फूंक दी।
सोलर रूफटॉप योजना को लेकर उपभोक्ताओं और इम्पैनेल्ड वेन्डरों के बीच चल रही वर्षों पुरानी समस्याओं — जैसे तकनीकी दिक्कतें, नेट मीटरिंग में देरी, अनुमोदन की जटिल प्रक्रिया और विभागीय समन्वय की कमी पर लगाम लगाने के लिए पहली बार सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर बुलाया गया। बैठक में यूपी नेडा (उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी), विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और पंजीकृत वेन्डर मौजूद रहे। चर्चा सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रही — इस बार समाधान वहीं दिए गए जहाँ सवाल उठे। यह बैठक फाइल नहीं, फैसले की मिसाल बन गई।

अब हर हफ्ते होगी समीक्षा बैठक

बैठक में यह अहम फैसला लिया गया कि हर सप्ताह नियमित बैठकें होंगी। जिनमें चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। वहीं मौके पर ही समस्याओं का हल निकाला जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी। 

बदलाव महसूस कर रहे वेन्डर्स

वेन्डर्स का कहना है कि पहले उन्हें मंजूरी के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब चीफ इंजीनियर स्तर पर सीधे संवाद और तत्काल निर्णय की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे न सिर्फ काम में तेजी आई है बल्कि पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ा है।

बरेली मॉडल की ओर कदम

चीफ इंजीनियर ब्रहमपाल के नेतृत्व में बिजली विभाग ने बरेली मॉडल की नींव रख दी है — जिसमें आम जनता की भागीदारी, तकनीकी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी और प्रशासन की सक्रिय निगरानी शामिल है। बिना लालफीताशाही, बिना विभागीय अड़चनों के यह मॉडल राज्य के अन्य ज़िलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।