परीक्षितगढ़ पुलिस का कमाल
मेरठ के परीक्षितगढ़ में डेढ़ लाख की लूट, पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया, 4 बदमाश गिरफ्तार, एक मुठभेड़ में गोली लगी।
➡️ 18 नवंबर: दिनदहाड़े डेढ़ लाख की लूट
➡️ 72 घंटे में पूरा खुलासा
➡️ 45 CCTV फुटेज खंगाले गए
➡️ मुठभेड़ में एक बदमाश यश घायल
➡️ 4 गिरफ्तार, पूरी रकम-स्कूटी-हथियार बरामद
➡️ परीक्षितगढ़ पुलिस + स्वाट टीम का कमाल
लूटकांड का पर्दाफाश चार गिरफ्तार, एक बदमाश मुठभेड़ में घायल होकर दबोचा गया
जन माध्यम
मेरठ। थाना परीक्षितगढ़ क्षेत्र में हुई लूट की वारदात ने 18 नवंबर की रात पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। व्यापारी विपिन कुमार के नौकर शेर मोहम्मद से स्कूटी सवार चार बदमाशों ने दिन-दहाड़े डेढ़ लाख रुपये और स्कूटी लूट ली थी। तेज रफ्तार बाइकों पर बैठे ये बदमाश जैसे ही मौके से फरार हुए, इलाके में खौफ का माहौल बन गया। पर यही वह पल था जब परीक्षितगढ़ पुलिस और स्वाट टीम ने तय कर लिया कि चाहे मामला कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, इस लूट का सच जल्द सामने लाना है।यही वजह रही कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक नहीं, बल्कि तीन विशेष टीमों का गठन किया। एसपी देहात अभिजीत कुमार की सीधी निगरानी में शुरू हुई जांच में पुलिस ने करीब 45 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। हर फुटेज को फ्रेम-बाय-फ्रेम देखा गया। तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की सहायता से संदिग्धों के हुलिए और उनकी लोकेशन को बेहद बारीकी से ट्रैक किया गया। धीरे-धीरे पुलिस की मेहनत रंग लाने लगी और बदमाशों की पहचान स्पष्ट हो गई।22 नवंबर की देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान परीक्षितगढ़ पुलिस और स्वाट टीम की नजर दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध युवकों पर पड़ी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने रोकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। इलाके में गोलियों की आवाज गूंजी और कुछ क्षणों के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश यश को गोली लगने के बाद दबोच लिया गया, जबकि बाकी तीनों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार बदमाशों के पास से पुलिस ने लूटी गई पूरी राशि, स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार व अन्य सामान बरामद कर लिया। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और साहस का बेहतरीन उदाहरण है। जिस तरह से पुलिस टीमों ने लगातार 72 घंटे बिना रुके काम किया, वह अपने-आप में काबिल-ए-तारीफ है।
इस खुलासे ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत दी है, बल्कि परीक्षितगढ़ क्षेत्र में पुलिस के प्रति भरोसा भी और मजबूत किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता ने साबित किया है कि अपराध कितना भी सोच-समझकर क्यों न किया जाए, कानून के हाथों से कोई नहीं बच सकता। पुलिस का यह शानदार काम एक बार फिर बता गया अपराधी कितना भी चालाक हो, कानून की पकड़ उससे कई गुना तेज होती है।
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