हाजी दानिश का भव्य स्वागत

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक-स्नातक MLC चुनाव: सपा समर्थित हाजी दानिश अख्तर का जिला कार्यालय पर जोरदार स्वागत, पुरानी पेंशन बहाली पहली प्राथमिकता।

हाजी दानिश का भव्य स्वागत
HIGHLIGHTS:

➡️ सपा जिला कार्यालय पर हाजी दानिश का भव्य स्वागत
➡️ फूल-मालाएं, नारे, कार्यकर्ताओं का जोश हाई
➡️ पहला वादा: जीते तो सबसे पहले पुरानी पेंशन बहाल
➡️ अखिलेश यादव की 2027 गारंटी को दोहराया
➡️ शिक्षक-स्नातक खंड में सपा का पूरा समर्थन
➡️ 9 दिसंबर को मतदान – मुकाबला भाजपा से सीधा

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड में सपा समर्थकों ने किया अभिनंदन

जन माध्यम 
बरेली।
बरेली मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड स्नातक से समाजवादी पार्टी समर्थित प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर का रविवार को सपा जिला कार्यालय पर जोरदार स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं और उद्घोषणाओं के साथ हाजी दानिश का भव्य अभिनंदन किया। इस मौके पर भारी उत्साह और जोश देखने को मिला।सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ हाजी दानिश का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत समारोह में शमीम सुलतानी, दीपक शर्मा, शुभलेश यादव, वरिष्ठ नेता संजीव सक्सेना, जिला प्रवक्ता सैयद हैदर अली सहित बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। स्वागत के बाद मीडिया से बातचीत में हाजी दानिश अख्तर ने कहा कि उनका शिक्षकों के साथ दशकों पुराना संबंध रहा है और बरेली-मुरादाबाद दोनों खंडों के शिक्षक उन्हें भरपूर समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह विधान परिषद की इस सीट पर विजयी होते हैं तो सबसे पहला कदम शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए संघर्ष करना होगा।हाजी दानिश ने याद दिलाया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही पुरानी पेंशन बहाल करना उनकी प्राथमिकता होगी।
चुनावी मुकाबले पर हाजी दानिश ने कहा कि उनका सीधा मुकाबला भाजपा समर्थित प्रत्याशी से है, लेकिन शिक्षकों और अपने कार्यकर्ताओं के समर्थन से वह भारी मतों से विजय हासिल करेंगे। समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर हाजी दानिश अख्तर को निर्दलीय के रूप में समर्थन दिया है। मतदान 9 दिसंबर को होगा। यह भव्य स्वागत और जोरदार समर्थन हाजी दानिश के लिए शिक्षक खंड में उनकी मजबूत पकड़ और लोकप्रियता का परिचायक है। कार्यकर्ताओं का उत्साह और शिक्षक समुदाय की उम्मीदें उनकी चुनावी लड़ाई को और भी प्रभावशाली बना रही हैं।