रिश्वतखोर निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
बहेड़ी मंडी में गरीब किसान की शिकायत पर ट्रैप, विपणन निरीक्षक मनीष कुमार दुबे और साथी अतुल गंगवार 10 हजार रिश्वत लेते धराए।
➡️ विपणन निरीक्षक मनीष दुबे रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
➡️ गरीब किसान की हिम्मत, 10 हजार का ट्रैप सफल
➡️ साथी अतुल गंगवार भी धरा गया
➡️ प्रति कुंटल अवैध वसूली का भंडाफोड़
➡️ देवरनिया थाने में भ्रष्टाचार निवारण एक्ट में केस
➡️ किसानों से खुलकर शिकायत करने की अपील
गरीब किसान ने ठोकी आवाज़ दस हजार लेते निरीक्षक और सहयोगी गिरफ्तार
जन माध्यम
बरेली। एक गरीब किसान की पुकार ने उस पूरे भ्रष्ट तंत्र को झकझोर दिया, जो किसानों की मजबूरी को अपनी कमाई का जरिया बना चुका था। रविवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, मंडल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विपणन निरीक्षक मनीष कुमार दुबे और उसके साथी अतुल गंगवार को दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता सुनील कुमार, निवासी ग्राम मलकपुर, कई दिनों से धान की तौल के लिए निरीक्षक द्वारा की जा रही वसूली से परेशान थे। आरोप है कि प्रति कुंटल के हिसाब से अवैध धन की मांग की जाती थी, और इसी क्रम में रविवार को दस हजार रुपये रिश्वत देने का दबाव बनाया गया। लाचार किसान ने साहस जुटाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की।अपर पुलिस महानिदेशक और उच्चाधिकारियों के निर्देशन में ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने टीम तैयार की और बहेड़ी की कृषि उत्पादन मंडी समिति में जाल बिछाया। जैसे ही निरीक्षक मनीष कुमार दुबे और प्राइवेट व्यक्ति अतुल गंगवार ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने दोनों को मौके पर पकड़ लिया।कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना देवरनिया में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सिस्टम में खामियां हों, लेकिन ईमानदारी अभी जिंदा है।भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने साफ अपील की है कि मंडल में कोई भी पीड़ित व्यक्ति बिना डरे उनसे संपर्क करे। शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9454405475 और 9454401653 — जारी किए गए हैं।यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन किसानों की जीत है जो अपने हक के लिए खड़े होने की हिम्मत रखते हैं।