13 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत
मेरठ में 13 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, पारिवारिक विवाद से लेकर पुराने मुकदमे तक एक दिन में खत्म! कोई फीस नहीं, अपील नहीं।
➡️ 13 दिसंबर 2025 - मेरठ में भव्य राष्ट्रीय लोक अदालत
➡️ एक ही दिन में पुराने मुकदमों से छुटकारा
➡️ बिल्कुल फ्री - कोई कोर्ट फीस, कोई वकील खर्च नहीं
➡️ सुलह से निस्तारण → अपील का झंझट खत्म
➡️ चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, पारिवारिक झगड़े, बिजली चोरी केस सब होंगे खत्म
➡️ प्री-लिटिगेशन केस भी लिए जाएंगे
➡️ सचिव रमेश कुशवाहा की अपील: बड़ी संख्या में आएं, न्याय लें
एक दिन में त्वरित न्याय का मौका, सुलह से तुरंत निस्तारण बिना शुल्क, बिना झंझट
जन माध्यम
मेरठ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ द्वारा न्यायिक व्यवस्था को आम नागरिक तक सरल, सुलभ और त्वरित रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से आगामी 13 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत एवं आर्बिट्रेशन से संबंधित विशेष लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी संदर्भ में अपर जनपद न्यायाधीश सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रमेश कुशवाहा ने अपने कार्यकक्ष में पत्रकारों से वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा की।पत्रकार वार्ता के दौरान सचिव ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य है वादकारी को तेज, सरल, सस्ता और सक्षम न्याय प्रदान करना, ताकि लोग वर्षों तक लंबित मुकदमों के बोझ से मुक्त हो सकें।
उन्होंने मेरठ की जनता से अपील की कि वे बड़ी संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाएँ और अपने विवादों का समाधान आपसी सुलह-सम्मति के आधार पर कराएँ। सचिव ने कहा त्वरित न्याय प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, और राष्ट्रीय लोक अदालत इसका सबसे प्रभावी माध्यम है।
सचिव रमेश कुशवाहा ने बताया कि 13 दिसम्बर को यह अदालत तहसील न्यायालयों से लेकर उच्चतम न्यायालय स्तर तक के मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने का अवसर देगी। कोई भी व्यक्ति आवेदन देकर अपने मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए लोक अदालत का सहारा ले सकता है। इस प्रक्रिया से पीड़ित वर्षों पुराने विवादों से भी एक ही दिन में छुटकारा पा सकते हैं।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि निम्न प्रकार के वाद,प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए जाएँगे,शमनीय वाद,टैक्स संबंधित विवाद,जलकर एवं संपत्ति कर के मामले,स्टांप एवं बिजली चोरी के वाद,राजस्व वाद,बैंक ऋण वसूली और चेक बाउंस धारा 138,
उपभोक्ता फोरम से जुड़े प्रकरण, प्री-लिटिगेशन वाद, विशेषकर पारिवारिक विवाद,भूमि अधिग्रहण से जुड़े वाद,चालान से संबंधित समस्त मामले,वैवाहिक एवं श्रम विवाद,अन्य न्यायिक अथवा विभागीय वाद,लोक अदालत के महत्वपूर्ण लाभ,सचिव महोदय ने लोक अदालत के फायदों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि विवादों का समाधान आपसी सुलह के आधार पर होता है, जिससे न्याय प्रक्रिया में संतोष और सहमति दोनों बनी रहती है। पक्षकार स्वयं, बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के, समझौते की पहल कर सकते हैं।
लोक अदालत में निस्तारण हेतु कोई शुल्क देय नहीं होता, जिससे आर्थिक बोझ कम होता है।
लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, विवाद स्थायी रूप से समाप्त हो जाता है।
पूरी प्रक्रिया सरल, सहज, कम समय लेने वाली और कानूनी जटिलताओं से मुक्त होती है।