सेक्रेड हार्ट स्कूल में यातायात जागरूकता पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, कुमकुम प्रथम

बरेली के सेक्रेड हार्ट स्कूल में यातायात जागरूकता पर पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। कुमकुम प्रथम, खुशी द्वितीय, अर्जुन तृतीय। SP ट्रैफिक ने दी सड़क सुरक्षा की शपथ।

सेक्रेड हार्ट स्कूल में यातायात जागरूकता पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, कुमकुम प्रथम
HIGHLIGHTS:

→ सेक्रेड हार्ट स्कूल में यातायात जागरूकता पेंटिंग प्रतियोगिता
→ कक्षा 9-12 के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
→ प्रथम: कुमकुम | द्वितीय: खुशी चौहान | तृतीय: अर्जुन भाटिया
→ विजेताओं को ट्रॉफी-प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया
→ SP ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने वीडियो संदेश दिया
→ संदेश: हेलमेट-सीट बेल्ट पहनो, नियम मानो, जिंदगी बचाओ
→ प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला वाजपेयी: बच्चे जिम्मेदार नागरिक बनें

हसीन दानिश/ जन माध्यम 
बरेली।
यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए मंगलवार को सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम यातायात निदेशालय लखनऊ के तत्वावधान में तथा एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान के निर्देशन में संपन्न हुआ।

कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने हेलमेट का महत्व, ट्रैफिक सिग्नल का पालन, ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम, सीट बेल्ट तथा सुरक्षित ड्राइविंग जैसे विषयों पर अपने चित्रों के माध्यम से प्रभावी संदेश दिया।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे प्रथम स्थान  कुमकुम,द्वितीय स्थान  खुशी चौहान, तृतीय स्थान :अर्जुन भाटिया

विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान (वीडियो संदेश के माध्यम से) तथा यातायात पुलिस के प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार, टीएसआई जितेन्द्र सिंह, पूजा मलिक, अमन कुमार व हवलदार बलराम उपस्थित रहे। स्कूल की ओर से प्रबंधक राधा सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला वाजपेयी ने अतिथियों का स्वागत किया और सड़क सुरक्षा के प्रति छात्रों की जागरूकता की सराहना की।

पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं ज्यादातर मामलों में लापरवाही के कारण होती हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों का पालन जीवन बचाता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे खुद तो नियमों का पालन करें, साथ ही अपने परिजनों व मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला वाजपेयी ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मकता को निखारते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।

प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों ने स्पष्ट संदेश दिया कि “सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा” केवल नारा नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।