दलितों के भाग्य विधाता भाजपा: दिवाकर

सेंथल में भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद दिवाकर का स्वागत किया गया। उन्होंने शिक्षा, संत परंपरा और अनुसूचित वर्ग के उत्थान पर जोर देते हुए भाजपा को दलितों की भाग्य विधाता बताया।

दलितों के भाग्य विधाता भाजपा: दिवाकर
HIGHLIGHTS:

➡️ सेंथल में अनुसूचित मोर्चा बैठक आयोजित
➡️ विनोद दिवाकर का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
➡️ भाजपा को बताया दलितों की भाग्य विधाता

सरफराज़ खान । जन माध्यम
सेंथल (बरेली)।
भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष विनोद दिवाकर का सेंथल पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से स्वागत किया। सेक्टर संयोजक, बूथ अध्यक्षों और अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शोषित, पीड़ित, दलित और वंचित समाज की सच्ची भाग्य विधाता है।

विनोद दिवाकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार अनुसूचित वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनजागरण अभियान चलाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, “चाहे रोटी कम खाना, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाना।” यह केवल नारा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है।

अपने संबोधन में उन्होंने संत परंपरा और महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को राम, कृष्ण, भगवान वाल्मीकि, संत रविदास, संत गाडगे, ज्योतिबा फुले, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और नारायण गुरु के आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि इन महापुरुषों के चित्र घरों में लगाएं, उनकी जीवनी पढ़ें और उनके बताए मार्ग पर चलें।

दिवाकर ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, स्वच्छता और शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे गाडगे बाबा फटे वस्त्र, सिर पर मिट्टी का घड़ा और हाथ में झाड़ू लेकर गांव-गांव स्वच्छता और जागरूकता का संदेश देते थे। उन्होंने अंधविश्वास और अशिक्षा के खिलाफ संघर्ष किया और शिक्षा को समाज मुक्ति का माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि गाडगे बाबा का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है— “भूखे रह लेना, लेकिन बच्चों को अनपढ़ मत रखना।” शिक्षा ही वह दीपक है, जो पीढ़ियों का अंधकार दूर करता है।

कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने संत गाडगे बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक समरसता व शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया।