बरेली: शिक्षक संघ के आगे झुका शिक्षा विभाग, 554 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश 24 घंटे में वापस

जिले के 554 स्कूलों में शून्य नामांकन पर बीएसए द्वारा प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश शिक्षक संघ के भारी दबाव के बाद वापस ले लिया गया है। अब शिक्षकों को 7 दिन की मोहलत दी गई है।

बरेली: शिक्षक संघ के आगे झुका शिक्षा विभाग, 554 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश 24 घंटे में वापस
शिक्षक संघ के दबाव में बीएसए के 'यू-टर्न' और 7 दिनों की मोहलत को दर्शाता व्यंग्य चित्र।
HIGHLIGHTS:

शून्य नामांकन वाले 554 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर गिरी थी गाज, वेतन रोकने का हुआ था आदेश।

आदेश जारी होते ही शिक्षकों में मचा हड़कंप, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने दर्ज कराया विरोध।

जन माध्यम

बरेली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई और फिर लिए गए यू-टर्न ने शैक्षिक जगत में हलचल मचा दी है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में नामांकन की सुस्त रफ्तार को लेकर जिले भर के 554 परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का आदेश, प्राथमिक शिक्षक संघ के भारी दबाव के बाद महज 24 घंटे में वापस लेना पड़ा है। विभाग ने अब कड़ा रुख छोड़ते हुए शिक्षकों को नामांकन सुधारने के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।

इस पूरे मामले और शिक्षकों में मचे हड़कंप की मुख्य वजह शैक्षिक सत्र शुरू हुए एक माह बीत जाने के बावजूद नामांकन का न होना था। जिले के 554 ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए थे जहाँ कक्षा एक और छह में अभी तक एक भी नया प्रवेश (शून्य नामांकन) नहीं हुआ है। इसमें अकेले रिछा (दमखोदा) ब्लॉक के 32 विद्यालय शामिल थे। इसी के चलते मंगलवार को बीएसए डॉ० विनीता ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का सख्त आदेश दिया था।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कड़े विरोध और दबाव के चलते विभाग को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा। बुधवार को संघ के पदाधिकारियों ने बीएसए से मुलाकात कर तर्क दिया कि नामांकन प्रक्रिया के लिए शिक्षकों को और समय दिया जाना चाहिए। संघ की एकजुटता के आगे झुकते हुए बुधवार देर शाम बीएसए ने नया पत्र जारी कर शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को सात दिन की मोहलत दे दी और बीईओ को निर्देश दिए कि प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल जारी कर दिया जाए, जिससे शिक्षकों ने बड़ी राहत महसूस की है।

रिछा ब्लॉक के जिन प्रमुख स्कूलों में शून्य नामांकन के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है, उनमें प्राथमिक विद्यालय अनूरुद्धपुर, अर्सियाबोझ, बैकरनन्दा, बकैनिया स्वाले, बांसबोझ, भंगा, भोपतपुर, देवीपुरा, गौरीखेड़ा, गोपाडांडी, इनायतपुर, जटपुरा, जमुनिया, कुईंयाखेड़ा, कुंडरा, माधौपुर, मिन्तरपुर, मोहनपुर, मुरारपुर, रोहनिया, याकूबगंज और कंपोजिट विद्यालय हिस्मा व खजुरीखेड़ा जैसे नाम शामिल हैं। बीईओ रिछा, जगदीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब पूरा फोकस नामांकन बढ़ाने पर है और शिक्षकों को विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं।