सैंथल: बसपा नेता सलीम कुरैशी का बड़ा आह्वान- मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प

बसपा के बरेली मंडल कोर्डिनेटर सलीम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कार्यकर्ताओं से सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम और दलित समाज का मान-सम्मान केवल बसपा सरकार में ही सुरक्षित है।

सैंथल: बसपा नेता सलीम कुरैशी का बड़ा आह्वान- मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
बसपा नेता सलीम कुरैशी
HIGHLIGHTS:

बसपा कार्यकर्ताओं से बहन मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए सक्रिय होने की अपील की गई।

सलीम कुरैशी ने दावा किया कि मुस्लिम और दलित समाज का हित और सम्मान केवल बसपा में सुरक्षित है।

सरफराज़ खान। जन माध्यम

सैंथल। बरेली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मुस्लिम समाज के बरेली मंडल कोर्डिनेटर सलीम कुरैशी ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाते हुए कार्यकर्ताओं में नया जोश फूँका है। अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आह्वान किया कि बसपा के लोग अब सक्रिय भूमिका में आ जाएं और संकल्प लें कि बहन मायावती को पांचवीं बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर सुशोभित करना है।

पत्रकारों से रूबरू होते हुए सलीम कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम और दलित समाज अब यह अच्छी तरह समझ चुका है कि उनका मान-सम्मान और वास्तविक हित केवल बसपा की नीतियों में ही सुरक्षित है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बहन जी चार बार मुख्यमंत्री रहीं, तब कभी किसी मुस्लिम के साथ अन्याय नहीं हुआ और न ही किसी के मकान या प्रतिष्ठान पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई हुई।

"आज मुस्लिम समाज घुटन महसूस कर रहा है। बसपा की सरकार आते ही विकास की गति फिर शुरू होगी और समाज खुली हवा में सांस ले सकेगा। अब आराम का समय खत्म हो चुका है, खुद पर आराम को हराम कर लो और सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए उठ खड़े हो।" — सलीम कुरैशी, मंडल कोर्डिनेटर (बसपा)

गांव-गांव अभियान चलाने का निर्देश देते हुये उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अपनी पीठ पर बसपा का बैनर बांधकर गांव-गांव और गली-गली निकल पड़ें। उन्होंने जोर दिया कि यही वह समय है जब जनता को बसपा की नीतियों से अवगत कराकर अपना मुस्तकबिल (भविष्य) संवारा जा सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान कुरैशी के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी हुई।

इस अवसर पर अंजुमन इस्लाहुल मुसलमीन के पूर्व सदर तसव्वर हुसैन अंसारी, अशफाक अंसारी, हाफिज अफजाल रज़ा अंसारी, मुजफ्फर अली राईन सहित दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे।