मथुरा जिला अस्पताल में बदहाली: अल्ट्रासाउंड के लिए 5 दिन की लंबी वेटिंग, मजबूरी में महंगे प्राइवेट सेंटर्स जा रहे मरीज
मथुरा जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी से मरीज परेशान हैं। प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन केवल 50 अल्ट्रासाउंड ही हो पा रहे हैं।
जिला अस्पताल में हर दिन 1500 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 500 को जांच की जरूरत होती है।
संसाधनों की कमी के कारण रोजाना केवल 50 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहा है।
श्याम बिहारी भार्गव। जन माध्यम
मथुरा। जिला अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों को इन दिनों भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को 5 दिन तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सीमित संसाधनों और मरीजों की भारी संख्या के कारण यहां की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिनमें से 500 के करीब मरीजों को अल्ट्रासाउंड और खून की जांच लिखी जाती है। लेकिन संसाधनों की कमी के चलते एक दिन में केवल 50 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। ऐसे में बाकी बचे मरीजों को कई दिन बाद की तारीख दे दी जाती है, जिससे उनका इलाज समय पर नहीं हो पा रहा है।
मरीजों का छलका दर्द
सदर निवासी गोपाल यादव ने बताया कि समय पर जांच न हो पाने के कारण उन्हें मजबूरी में महंगे निजी जांच केंद्र पर जाना पड़ा। वहीं पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे धौलीप्याऊ निवासी रमेश गुर्जर ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड लिखा था, लेकिन जब वह जांच कराने पहुंचे तो उन्हें 5 दिन बाद आने को कहा गया। दर्द से परेशान होने के कारण उन्हें भी बाहर से ही अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
सीएमएस ने दी सफाई
इस पूरी अव्यवस्था पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि मरीजों की बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के चलते यह समस्या पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार लाने के लिए शासन स्तर पर अतिरिक्त मशीन और स्टाफ की मांग भेजी गई है।