युवा शायर फहीम दानिश का जन्मदिन धूमधाम से मनाया, बसपा नेता तौफीक प्रधान ने दर्जनों शायरों को किया सम्मानित

बरेली में बसपा नेता तौफीक प्रधान ने युवा शायर फहीम दानिश का जन्मदिन समारोह धूमधाम से मनाया और शहर के प्रमुख शायरों को सम्मानित किया। शायरी की महफिल में कविताओं और गजलों ने सभी को मंत्रमुग्ध किया।

युवा शायर फहीम दानिश का जन्मदिन धूमधाम से मनाया, बसपा नेता तौफीक प्रधान ने दर्जनों शायरों को किया सम्मानित
HIGHLIGHTS:

➡️ बरेली में धूमधाम से मनाया गया फहीम दानिश का जन्मदिन
➡️ तौफीक प्रधान ने शहर के प्रमुख शायरों को सम्मानित किया
➡️ शायरी और गजलों की मंत्रमुग्ध करने वाली महफिल
➡️ राजनीति और साहित्य का संगम
➡️ युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का मंच

जन माध्यम

बरेली। बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी तौफीक प्रधान के आवास पर युवा शायर फहीम दानिश का जन्मदिन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर तौफीक प्रधान ने शहर के तमाम प्रमुख शायरों को विशेष रूप से आमंत्रित किया और उन्हें सम्मानित कर साहित्यिक परंपरा को नई ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम में शायरी की महफिल सजी, जहां कविताओं और गजलों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत फहीम दानिश के जन्मदिन केक कटिंग से हुई, जिसके बाद शायरों ने एक के बाद एक अपनी रचनाएं पेश कीं। युवा शायर फहीम दानिश की गजलें और नज्में सुनकर उपस्थितजन भावविभोर हो गए। बसपा नेता तौफीक प्रधान ने फहीम दानिश को फूलों का गुलदस्ता भेंट करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके बाद उन्होंने सभी आमंत्रित शायरों को सम्मान पत्र, शॉल, स्मृति चिह्न और पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया।

तौफीक प्रधान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विस्तार से कहा, आज का यह आयोजन केवल एक जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। युवा शायर फहीम दानिश जैसी प्रतिभाएं हमारे समाज की असली धरोहर हैं। उनकी रचनाएं न केवल दिल को छूती हैं, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करती हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं। मैं समझता हूं कि राजनीति और साहित्य का यह संगम समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। बसपा हमेशा से ही सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक उत्थान की पक्षधर रही है, और ऐसे आयोजन इसी दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं। मैं सभी शायरों से अपील करता हूं कि अपनी कलम की ताकत से समाज को जागरूक करें, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं और युवाओं को प्रेरित करें। फहीम दानिश को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, और उम्मीद है कि उनकी कलम आगे भी इसी तरह चमकती रहेगी।

फहीम दानिश ने तौफीक प्रधान का आभार व्यक्त करते हुए कहा, तौफीक प्रधान जैसे संरक्षक और मार्गदर्शक के बिना युवा प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ सकतीं। उनका यह सम्मान और आयोजन मेरे लिए जीवनभर की प्रेरणा बना रहेगा। मैं वादा करता हूं कि अपनी शायरी से समाज की सेवा करता रहूंगा।

कार्यक्रम में बसपा के स्थानीय पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, साहित्य प्रेमी, युवा कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। शायरी की इस महफिल में देश-विदेश की विभिन्न विधाओं की रचनाएं सुनाई गईं, जिनमें सामाजिक मुद्दों, प्रेम, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर समावेश था।

यह आयोजन न केवल फहीम दानिश के जन्मदिन को यादगार बनाने में सफल रहा, बल्कि राजनीति और साहित्य के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण भी किया। तौफीक प्रधान की इस पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है, और लोग इसे साहित्यिक उत्सव के रूप में लंबे समय तक याद रखेंगे।