बरेली: 'लबों पर दुआ, आंखों में नमी'; हज यात्रियों का पहला जत्था मदीने के लिए रवाना, स्टेशन पर हुआ भावुक इस्तकबाल

बरेली से हज यात्रियों के जत्थे लखनऊ हज हाउस के लिए रवाना हुए। गुलाब नगर और जखीरा के आज़मीन-ए-हज ने मुल्क की खुशहाली की दुआ का संकल्प लिया। बरेली हज सेवा समिति ने फूलों के साथ यात्रियों को विदाई दी

बरेली: 'लबों पर दुआ, आंखों में नमी'; हज यात्रियों का पहला जत्था मदीने के लिए रवाना, स्टेशन पर हुआ भावुक इस्तकबाल
बरेली जंक्शन पर हज यात्रियों की विदाई
HIGHLIGHTS:

बरेली जंक्शन और सिटी स्टेशन से राजरानी और त्रिवेणी एक्सप्रेस द्वारा रवाना हुए यात्री।

आज़मीन-ए-हज ने कहा- "मदीने में मुल्क की खुशहाली और अमन-चैन के लिए करेंगे विशेष दुआ।"

बरेली हज सेवा समिति ने फूलों से किया इस्तकबाल, सफर की बारीकियों की दी जानकारी।

जन माध्यम न्यूज डेस्क

बरेली। पवित्र हज यात्रा 2026 के लिए बरेली से आज़मीन-ए-हज की रवानगी का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को बरेली जंक्शन और बरेली सिटी रेलवे स्टेशन पर उस समय बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब अपनों को विदा करने आए लोगों की आंखें नम थीं और लबों पर दुआएं।

गुलाब नगर निवासी गुफरान घोसी अपनी बहन यासमीन के साथ राजरानी एक्सप्रेस से लखनऊ हज हाउस के लिए रवाना हुए। वहीं, बरेली सिटी रेलवे स्टेशन पर त्रिवेणी एक्सप्रेस से मोहल्ला जखीरा के गुलाम रज़ा और उनकी पत्नी नाज़िया परवीन ने अन्य यात्रियों के साथ सफर का आगाज़ किया।

रवानगी से पूर्व आज़मीन-ए-हज ने भावुक होकर कहा कि मदीने शरीफ में सरकार के रौज-ए-मुबारक पर हाजिरी देना उनका सौभाग्य है। उन्होंने संकल्प साझा करते हुए कहा, "हम मदीने में अपने मुल्क भारत की खुशहाली, हर व्यक्ति की तरक्की, अमन और चैन के लिए विशेष दुआ करेंगे।"

'बरेली हज सेवा समिति' के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी ने सदस्यों के साथ स्टेशन पहुँचकर हज यात्रियों का फूलों की मालाओं से इस्तकबाल किया। समिति की ओर से यात्रियों को सफर के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और हज के अरकान (नियमों) की विस्तार से जानकारी दी गई।

इस भावुक विदाई के अवसर पर अहमद उल्लाह वारसी, हाजी साकिब रज़ा ख़ाँ, ज़िया उर रहमान, हाजी फैसल शम्सी, हाजी यासीन कुरैशी, डॉ. कासिमुद्दीन, हाजी अज़ीम हसन और दानिश खान समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।