लापरवाही पर गिरी गाज, तीन सस्पेंड

बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने महिला अपराध के मामले में लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई की है। सीबीगंज थाने के दो उपनिरीक्षकों और एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

लापरवाही पर गिरी गाज, तीन  सस्पेंड
SSP अनुराग आर्य
HIGHLIGHTS:

दुष्कर्म के मामले में सही धाराएं न लगाने और विवेचना में ढिलाई पर गिरी गाज।

एफआईआर लेखक मुख्य आरक्षी और दो विवेचक दरोगा हुए निलंबित।

एसएसपी की चेतावनी- महिला अपराधों में संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं।

जन माध्यम 
बरेली।
महिला अपराधों के मामलों में संवेदनहीनता और लापरवाही पर पुलिस में अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में गंभीर अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए दो उपनिरीक्षक और एक मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून के अनुपालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रकरण थाना सीबीगंज में आठ दिसंबर 2023 को दर्ज शिकायत से संबंधित है। पीड़िता ने अपने साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि एफआईआर दर्ज करते समय मामले की गंभीरता के अनुरूप धाराएं नहीं लगाई गईं। उस समय एफआईआर लेखक रहे मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार पर यह जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने आवश्यक कानूनी प्रावधानों को नजरअंदाज किया। वहीं, विवेचना की जिम्मेदारी संभाल रहे उपनिरीक्षक रत्नेश कुमार और सचिन चौधरी पर भी जांच में लापरवाही के आरोप सिद्ध हुए। बताया गया कि दोनों अधिकारियों ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया और आवश्यक धाराओं को जोड़ने तथा साक्ष्यों को मजबूत करने में ढिलाई बरती। एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गहन जांच कराई, जिसमें प्रारंभिक स्तर पर ही पुलिस कार्रवाई में गंभीर खामियां सामने आईं। रिपोर्ट मिलते ही उन्होंने त्वरित और निर्णायक कदम उठाते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर कदाचार माना जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्परता, संवेदनशीलता और विधिक प्रावधानों का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। अनुराग आर्य की इस कार्रवाई को पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था के साथ समझौता करने वाले किसी भी स्तर के कर्मी को संरक्षण नहीं मिलेगा। इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में कार्यशैली को लेकर सतर्कता बढ़ी है। स्पष्ट है कि अब जिले पुलिस में जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही पर सीधे कार्रवाई यही एसएसपी अनुराग आर्य की कार्यप्रणाली की पहचान बनती जा रही है।