भ्रष्टाचार पर डीएम की ज़ीरो टॉलरेंस: बरेली में 9 महीने से अटकी 22 जांचें 10 दिन में पूरी, अब बारी सज़ा की
बरेली में डीएम अविनाश सिंह की सख्त कार्रवाई: 9 महीने से अटकी 22 से ज्यादा भ्रष्टाचार जांचें 10 दिन में पूरी, अब दोषियों को होगी सज़ा।
➡️ डीएम अविनाश सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ दिखाई कड़ी सख्ती
➡️ 9 महीने से लटकी 22 से ज्यादा जांचें 10-12 दिन में पूरी
➡️ डीपीआरओ कमल किशोर को अल्टीमेटम, रिपोर्ट ना आई तो कुर्सी छोड़ने का आदेश
➡️ कृषि, सिंचाई, पूर्ति, पंचायत, पीडब्ल्यूडी, आरईडी, एनआरएलएम, आईसीडीएस, सहकारिता – सभी विभागों की जांच पूरी
➡️ दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: निलंबन या मुकदमा
➡️ ग्रामीणों में खुशी की लहर, भ्रष्टाचार मुक्त बरेली की उम्मीद
हसीन दानिश/ जन माध्यम
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो तलवार खींची है, उससे अफसरशाही में हड़कंप मच गया है। महीनों और सालों से फाइलों में दबी 22 से ज्यादा भ्रष्टाचार की जांचें महज 10-12 दिनों में पूरी करा ली गईं। ये वो मामले थे जिनमें जांच कमेटियां तो बन गई थीं, लेकिन रिपोर्ट आने का नाम ही नहीं ले रही थी।
डीएम साहब ने जब समीक्षा की तो खुलासा हुआ कि कई जांचें तो 9 महीने से धूल फांक रही थीं। बस फिर क्या था - डीएम ने डीपीआरओ कमल किशोर को 15 नवंबर का अल्टीमेटम दे दिया। निर्देश साफ था, या तो रिपोर्ट दो, या कुर्सी छोड़ो।
नतीजा आपके सामने है, 9 महीने से लटकी उन्हैनी जागीर (दमखोदा) की जांच पूरी, 8 महीने से अटकी परसरामपुर (भदपुरा) की जांच पूरी, 7 महीने पुरानी फरीदपुर रामचरन (भोजीपुरा) की जांच पूरी,5 महीने से मुड़िया भीकमपुर (नवाबगंज), 3 महीने से नकटी नारायणपुर, खजुरिया श्रीराम, अल्हैया, अगरास, कादरगंज जैसी तमाम जांचें अब फाइनल
कृषि, सिंचाई, पूर्ति, पंचायत, पीडब्ल्यूडी, आरईडी, एनआरएलएम, आईसीडीएस, सहकारिता तक - कोई विभाग नहीं बचा। हर जगह जिलास्तरीय अफसरों और इंजीनियरों की संयुक्त टीमें बनाई गईं और गांव-गांव दौड़ लगाई गई।
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया"माननीय डीएम साहब का सख्त निर्देश था। हमने रात-दिन एक कर दिया। अधिकांश जांचें पूरी हो चुकी हैं, बची हुई दो-चार रिपोर्टें आज-कल में आ जाएंगी। पूरी फाइल डीएम साहब को सौंपते ही भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर गाज गिरेगी - निलंबन हो या मुकदमा, जो बनता है वो होगा।
ग्रामीणों में खुशी की लहर है। उन्हैनी जागीर के एक बुजुर्ग ने कहा, 9 महीने से हम चक्कर काट रहे थे। डीएम साहब आए और 10 दिन में काम हो गया। अब उम्मीद है कि दोषी को सजा भी मिलेगी।
डीएम अविनाश सिंह का संदेश साफ है -
भ्रष्टाचार करने वालों को न बचाया जाएगा, न बख्शा जाएगा।
बरेली अब भ्रष्टाचार मुक्त जिले की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
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