गन्ने की होली, किसान का क़र्ज़ का गुस्सा

नवाबगंज में गन्ना भुगतान न मिलने से भड़के किसान, 70 करोड़ बकाया को लेकर पुतला दहन और तेज आंदोलन।

गन्ने की होली, किसान का क़र्ज़ का गुस्सा
HIGHLIGHTS:

➡️ दो साल से गन्ना भुगतान लंबित
➡️ ओसवाल शुगर मिल पर करीब 70 करोड़ बकाया
➡️ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ तहसील पहुंचे किसान
➡️ गन्ना मंत्री का पुतला फूंका
➡️ भुगतान तक आंदोलन जारी रहने की चेतावनी

नवाबगंज में किसानों ने पुतला फूंका, दो साल की कमाई के लिए उग्र आंदोलन

डेस्क/ जन माध्यम 
नवाबगंज, बरेली। नवाबगंज पदो साल से बकाया गन्ना भुगतान न मिलने से नवाबगंज के किसान मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। ओसवाल शुगर मिल से लगभग 70 करोड़ रुपये के भुगतान में देरी ने किसानों का सब्र तोड़ दिया। सैकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में गन्ना लादकर तहसील पहुंचे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। आक्रोश इतना बढ़ा कि किसानों ने गन्ना मंत्री का पुतला फूंककर अपना रोष जताया। आठ दिन से चल रहे धरने का नेतृत्व एडवोकेट सुनीता गंगवार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि दो साल की मेहनत का पैसा न मिलने पर किसानों के पास विरोध के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि जब तक भुगतान नहीं होगा, धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
तहसील परिसर में पुतला फूंकने और जोरदार नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों ने अपने कार्यालय छोड़कर बाहर आना पड़ा। किसानों का गुस्सा अब प्रशासन और सरकार के लिए चेतावनी बन गया है। उनका कहना है कि उनका आंदोलन हक की लड़ाई है, जो केवल आक्रोश नहीं बल्कि उनकी मजबूरी का प्रतीक है।