सरकारी विद्यालय बना मिसाल, प्रधानाध्यापक के प्रयासों से बच्चों ने जीते पुरस्कार

बरेली के रिछा ब्लॉक स्थित अभयपुर के आदर्श समेकित विद्यालय ने शिक्षा और उपलब्धियों में मिसाल पेश की है। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार वर्मा के प्रयासों से छात्रों ने छात्रवृत्ति और इंस्पायर पुरस्कार में सफलता हासिल की।

सरकारी विद्यालय बना मिसाल, प्रधानाध्यापक के प्रयासों से बच्चों ने जीते पुरस्कार
विघालय का हरा-भरा परिसर
सरकारी विद्यालय बना मिसाल, प्रधानाध्यापक के प्रयासों से बच्चों ने जीते पुरस्कार
HIGHLIGHTS:

अभयपुर के सरकारी विद्यालय ने पेश की शिक्षा की नई मिसाल

छात्रों का चयन राष्ट्रीय आय आधारित छात्रवृत्ति प्रतियोगिता में

इंस्पायर पुरस्कार योजना में भी मिला सम्मान

प्रधानाध्यापक के प्रयासों से बालिकाओं की शिक्षा को भी मिल रहा बढ़ावा

इकरार। जन माध्यम

देवरनियां (बरेली)। कभी-कभी एक शिक्षक की लगन पूरे विद्यालय की तकदीर बदल देती है। जहां कई सरकारी विद्यालयों की अव्यवस्था की चर्चा होती है, वहीं रिछा ब्लॉक का एक परिषदीय विद्यालय अपनी मेहनत और उपलब्धियों से निजी विद्यालयों को भी कड़ी टक्कर देता नजर आ रहा है।

प्रधानाध्यापक के प्रयासों से बदल रही तस्वीर
देवरनियां क्षेत्र के रिछा ब्लॉक (दमखोदा) स्थित आदर्श समेकित विद्यालय अभयपुर में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार वर्मा के प्रयासों से विद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गांव के अभिभावक भी अब अपने बच्चों को इस विद्यालय में पढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

छात्रों ने प्रतियोगिताओं में भी बढ़ाया नाम
विद्यालय के विद्यार्थियों ने शैक्षिक प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में विद्यालय के दो विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय आय आधारित छात्रवृत्ति प्रतियोगिता में हुआ, जबकि पूरे दमखोदा ब्लॉक से एक विद्यार्थी का चयन इंस्पायर पुरस्कार योजना के लिए हुआ, जिसके अंतर्गत उसे दस हजार रुपये का पुरस्कार मिला। इससे पहले वर्ष 2017 में विद्यालय को जिला स्तर पर स्वच्छता पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

नवाचार और तकनीक से पढ़ाई को बनाया रोचक
प्रधानाध्यापक विनोद कुमार वर्मा का कहना है कि नवाचार आधारित शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से बेहतर परिणाम मिलते हैं। विद्यालय में स्मार्ट कक्षा संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाया जाता है। साथ ही अभिभावकों को बैठक और प्रत्यक्ष प्रदर्शन के जरिए बच्चों की पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। विद्यालय परिसर में बच्चों को “वृक्ष मित्र” बनाकर पेड़ों की देखभाल की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ा है।

बालिकाओं की शिक्षा को भी दे रहे प्रोत्साहन
प्रधानाध्यापक विनोद कुमार वर्मा कक्षा आठ उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को आगे पढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित करते हैं। वह स्वयं अभिभावकों से संपर्क कर बालिकाओं का कक्षा नौ में प्रवेश कराने में सहयोग करते हैं। उनका कहना है कि शिक्षक का पहला कर्तव्य बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।