एसएसपी का एक्शन,अपराधियों की शामत
बरेली में एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में सुभाषनगर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो शातिर अपराधियों को घायल अवस्था में दबोचा। पुलिस ने अवैध असलहे और चोरी का सामान बरामद किया।
पुलिस की मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, जेल भेजे गए।
सुभाषनगर पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाश दबोचे, भेजा जेल
जन माध्यम
बरेली। कानून और व्यवस्था के क्षेत्र में पुलिस ने एक बार फिर अपनी ताकत और संकल्प दिखाया है। एस.एस.पी. अनुराग आर्य के नेतृत्व में थाना सुभाषनगर पुलिस ने शातिर अपराधियों के हौसले ठोक दिए और यह स्पष्ट कर दिया कि अपराधियों के लिए कानून की जद से बच निकलना नामुमकिन है। हाल ही में हुई चोरी की वारदात को लेकर की गई कार्रवाई में पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया और एक नाबालिक को हिरासत में लिया। गिरफ्तारियों के समय अभियुक्तों के कब्जे से अवैध असलहा, कारतूस और चोरी का माल बरामद हुआ।
यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में पुलिस अपराधियों के सामने कभी नरम नहीं पड़ती। उनके नेतृत्व में कार्रवाई केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए होती है। घटना की शुरुआत 30 अक्टूबर को हुई, जब ग्रीनवैली कालोनी निवासी भोजराज सिंह ने थाना सुभाषनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके घर में अज्ञात चोरों ने चोरी की। इस गंभीर शिकायत के बाद थाना सुभाषनगर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने लगातार घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में पैनी निगरानी रखी और चोरी के माल के बंटवारे के ठिकानों का पता लगाया। पता चला कि चोरी का माल फतेहपुर से इटौवा जाने वाले रास्ते पर स्थित धीर सिंह के घर के पीछे रखा जा रहा है।
पुलिस ने अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रखी और सुरक्षित, योजनाबद्ध तरीके से उन्हें धर दबोचने की रणनीति बनाई। शनिवार की तड़के सुबह, जब शहर आधी नींद में था, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अपराधियों का घेराव किया। जैसे ही अपराधियों ने पुलिस को घिरा देखा, उन्होंने फायरिंग की। लेकिन पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में अंशुल सक्सेना दाहिने पैर में और कुलदीप यादव बाएं पैर में घायल हुए। बावजूद इसके, पुलिस टीम ने किसी प्रकार की ढील नहीं दी। दोनों अभियुक्तों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया, और एक नाबालिक को हिरासत में लिया गया।
इस घटना में एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित बरामद की, जो उनके आपराधिक कृत्यों का स्पष्ट प्रमाण हैं,दो तमंचे 315 बोर,चार खोखा कारतूस 315 बोर,दो जिंदा कारतूस 315 बोर,चार जिंदा कारतूस 12 बोर,चोरी की गई चांदी की एक जोड़ी पाजेब और एक कमरबंद,दो स्मार्ट वॉच,चोरी किए गए 1270 रुपये नगद,यह बरामदगी न केवल चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश है।
अंशुल सक्सेना और कुलदीप यादव पहले से ही कई आपराधिक मामलों में जेल और कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। अंशुल और कुलदीप ने चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत अपराध किए हैं। उनकी गिरफ्तारी से बरेली के अपराधी गिरोहों को यह संदेश मिलेगा कि एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में कानून का डंडा अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करता है। एसएसपी अनुराग आर्य ने अपराधियों के खिलाफ सतत अभियान चलाने के साथ-साथ पुलिस की गश्त, सूचना तंत्र और तत्काल कार्रवाई को मजबूत किया है। उनका मानना है कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि आम जनता को सुरक्षा का भरोसा देना भी है।
इस कार्रवाई में थाना सुभाषनगर की पुलिस टीम के सभी सदस्यों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया। टीम में शामिल हैं। इंस्पेक्टर जितेन्द्र कुमार,दरोगा होराम सिंह,दरोगा अशोक कुमार,दरोगा पवन कुमार रविंद्र, कपिल वर्मा, अमित कुमार, अंकित नागर, अर्जुन, प्राशु संचान, अनुज कुमार, विनित कुमार और लखमी चंद,पुलिस टीम ने अपराधियों की फायरिंग का सामना करते हुए उन्हें पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके समर्पण और हौसले ने यह सुनिश्चित किया कि अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जाए और शहर की जनता को यह संदेश मिले कि सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। एसएसपी अनुराग आर्य का नेतृत्व यह साबित करता है कि अगर संकल्प, बहादुरी और योजना साथ हों, तो अपराधियों को रोकना संभव है। यह कार्रवाई हर अपराधी का डंडा किसी के लिए नरम नहीं होगा।