श्रद्धा की राह बनी मौत की खाई

कैंची धाम दर्शन को जा रही स्कॉर्पियो भवाली–अल्मोड़ा हाईवे पर निगलाट के पास गहरी खाई में गिर गई। भीषण हादसे में बरेली के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए।

श्रद्धा की राह बनी मौत की खाई
HIGHLIGHTS:

➡️ भवाली–अल्मोड़ा हाईवे पर निगलाट के पास भीषण सड़क हादसा
➡️ कैंची धाम दर्शन को जा रही स्कॉर्पियो खाई में गिरी
➡️ बरेली के तीन श्रद्धालुओं की मौके पर मौत
➡️ पांच गंभीर घायल, हल्द्वानी रेफर
➡️ रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और स्थानीय लोगों की अहम भूमिका

भवाली - अल्मोड़ा हाईवे पर निगलाट के पास भीषण हादसा, पांच श्रद्धालु गंभीर, खुशियों की यात्रा मातम में बदली

डेस्क/ जन माध्यम
बरेली।
आस्था जब पहाड़ों की ओर चलती है, तो मन में सिर्फ विश्वास होता है, लेकिन गुरुवार का दिन बरेली के एक परिवार के लिए ऐसा ज़ख्म छोड़ गया, जो शायद कभी न भर पाए। कैंची धाम दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो भवाली - अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगलाट के समीप अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। पल भर में खुशियों से भरी यात्रा मौत और मातम में बदल गई।

हादसा इतना भयावह था कि खाई में गिरते ही वाहन के परखच्चे उड़ गए। चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने जब नीचे झांककर देखा, तो मंजर रूह कंपा देने वाला था। लहूलुहान शरीर, कराहती आवाजें और टूट चुकी उम्मीदें।

सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ। रस्सियों और हाथों के सहारे खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकाला गया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को एंबुलेंस से भवाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

इस हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए।
कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा के अनुसार दुर्घटना में ऋषि पटेल (7), स्वाति (20), अक्षय (20), ज्योति (25), करन (25), राहुल पटेल (35), गंगा देवी (56), बृजेश कुमारी (26) और नैंसी गंगवार (24) घायल हुए।

सीएचसी के डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही गंगा देवी, नैंसी गंगवार और बृजेश कुमारी** की मौत हो चुकी थी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए शेष पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के उच्च चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। जिन चेहरों पर दर्शन की खुशी थी, वे अब तस्वीरों में सिमट गए हैं।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल वही है—
क्या पहाड़ की ये सड़कें कब तक आस्था की कीमत जान से वसूलती रहेंगी?