डीएम की सख़्त पड़ताल
बरेली डीएम अविनाश सिंह की बैंकों को फटकार: CD रेशियो बढ़ाओ, युवा उद्यमी योजना में ढिलाई बंद करो। 45 दिन से ज्यादा लंबित पत्रावली पर होगी सख्त कार्रवाई!
➡️ डीएम अविनाश सिंह ने बैंकों को लगाई कड़ी फटकार
➡️ सीडी रेशियो 60 प्रतिशत से कम वाले बैंक तुरंत सुधारें
➡️ युवा उद्यमी योजना: 45 दिन से ज्यादा लंबित पत्रावली पर कार्रवाई
➡️ स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता से लोन देने के आदेश
➡️ ई किसान उपज निधि और गिरवी आधारित वित्त योजना पर फोकस
➡️ पीएम जनधन: 25 लाख से ज्यादा खाते, सुरक्षा बीमा 12 लाख से ज्यादा लोग कवर
➡️ विकसित भारत 2047 के लिए सभी बैंक सक्रिय हों - डीएम
बैंकों को चेतावनी लक्ष्य पूरे करें, जनता की योजनाओं में ढिलाई नहीं चलेगी
जन माध्यम
बरेली। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं समीक्षा समिति की अहम बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण वितरण, वित्तीय प्रगति और किसानों व युवाओं से जुड़ी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट कहा कि विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले के सभी विभागों और विशेष रूप से बैंकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।बैठक में डीएम ने उन बैंकों को कड़ी चेतावनी दी जिनका सीडी अनुपात 60 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है और सभी बैंक तुरंत अपने सीडी अनुपात को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं। बैंक जितना अधिक ऋण उपलब्ध कराएंगे, उतने ही अधिक लोग रोजगार और स्वयं-रोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को ऋण प्रदान करने में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डीएम ने विभागों द्वारा भेजी गई पत्रावलियों पर समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने असंतोष जताया कि पिछली बैठक में तय किए गए लक्ष्य अब तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी बैंक में 45 दिनों से अधिक पत्रावली लंबित पाई गई, तो रिज़र्व बैंक और जनपद स्तरीय बैंक अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे।इस अवसर पर प्रमुख बैंक अधिकारी ने ई-किसान उपज निधि के बारे में जानकारी दी। यह एक महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था है, जिसमें किसान अपनी फसल भंडारण, निगरानी और लेन-देन से जुड़ी सभी गतिविधियों को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संभाल सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक भंडारण रसीद किसानों को यह भरोसा दिलाती है कि उनकी उपज सुरक्षित रहते हुए उन्हें उचित वित्तीय सहयोग भी मिलता रहेगा। इसके साथ ही गिरवी आधारित वित्त सहयोग योजना, जिसे केन्द्र सरकार ने 16 दिसम्बर 2024 से लागू किया है, कृषि क्षेत्र में बहुत बड़ा कदम बताया गया।बैठक में वित्तीय योजनाओं की उपलब्धियों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया।प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत अब तक 25,43,391 खाते खोले जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 2,97,170 लोगों का पंजीकरण,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 12,88,863,जबकि अटल पेंशन योजना में 2,47,762 लोगों का नामांकन किया जा चुका है।बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों के दावे स्वीकृत किए जाएं, ताकि फसल हानि की स्थिति में उन्हें समय से सहायता मिल सके। जिला कृषि अधिकारी को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।इस बैठक में लीड बैंक प्रबंधक वी.के. अरोड़ा, उद्योग विभाग के अधिकारी, ग्रामीण आजीविका मिशन, रिज़र्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक जिले की वित्तीय प्रगति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन को सीधी सहायता पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
Comments (0)