सिकंदराराऊ: शिशु शिक्षा मंदिर में मेधावियों का जमावड़ा, प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा अनुशासन और मेहनत का मंत्र
सिकंदराराऊ के शिशु शिक्षा मंदिर पेड़ वाले स्कूल में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित। मुख्य अतिथि और स्कूल प्रबंधन ने विभिन्न कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर किया सम्मानित।
मेधावियों का सम्मान: शिशु शिक्षा मंदिर पेड़ वाले स्कूल (ब्राह्मणपुरी, पुरानी तहसील रोड) में आयोजित भव्य समारोह में कक्षा 2 से लेकर कक्षा 9 तक के टॉपर बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
अतिथियों की मौजूदगी: कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक मुनेश चतुर्वेदी व प्रधानाचार्य नरेश चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलन कर किया, जबकि अध्यक्षता भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह यादव ने की।
सफलता का मूलमंत्र: प्रधानाचार्य नरेश चतुर्वेदी ने बच्चों को जीवन में बड़े मुकाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और कड़े अनुशासन को अपनाने की सीख दी।
रिपोर्ट: पी.सी शर्मा, हाथरस।
प्रतिभाएं किसी परिचय की मोहताज नहीं होतीं, उन्हें बस एक सही मंच और प्रोत्साहन की दरकार होती है। ऐसा ही कुछ नजारा कस्बा सिकंदराराऊ के मोहल्ला ब्राह्मणपुरी, पुरानी तहसील रोड स्थित 'शिशु शिक्षा मंदिर पेड़ वाले स्कूल' में देखने को मिला। यहाँ छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक उत्कृष्टता को सराहने के लिए एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान समारोह' का आयोजन बेहद धूमधाम के साथ किया गया, जिसमें मेधावी बच्चों को प्रशस्ति पत्र और आकर्षक पुरस्कार सौंपकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रबंधक मुनेश चतुर्वेदी एवं प्रधानाचार्य नरेश चतुर्वेदी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व माल्यार्पण के साथ हुई। समारोह की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता भाईचारा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह यादव ने की। अतिथियों का स्वागत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी लगन और शिक्षकों का सही मार्गदर्शन छुपा है।
कक्षावार इन मेधावियों ने लहराया सफलता का परचम
समारोह के दौरान विभिन्न कक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की घोषणा की गई, जिन्हें मंच पर सम्मानित किया गया:
-
कक्षा 2: अनामिका पाल (प्रथम), उमरा व माधव (संयुक्त रूप से द्वितीय) और अनंत शर्मा (तृतीय)।
-
कक्षा 3: गगन प्रजापति (प्रथम), राहिम (द्वितीय) एवं कृष्णा (तृतीय)।
-
कक्षा 4: उमंग शर्मा व आदित्य यादव (संयुक्त रूप से प्रथम), उजैफ (द्वितीय) तथा नव्या (तृतीय)।
-
कक्षा 5: आर्यन पुंडीर (प्रथम), आयुष उपाध्याय (द्वितीय) तथा आलिया अंसारी, मयंक बघेल व रुखसार (संयुक्त रूप से तृतीय)।
-
कक्षा 6: राधिका (प्रथम), अंकित कुमार (द्वितीय) एवं सिदरा (तृतीय)।
-
कक्षा 7: प्रियांशी यादव, भव्य वार्ष्णेय व राजकुमार (संयुक्त रूप से प्रथम), समरा व ताव्या यादव (संयुक्त रूप से द्वितीय) तथा शिखा सिंह व नवनीत यादव (संयुक्त रूप से तृतीय)।
-
कक्षा 8: आफरीन व अनुज गौतम (संयुक्त रूप से प्रथम), सुजैन (द्वितीय) तथा छाया, अनंत पुंडीर व आकाश उपाध्याय (संयुक्त रूप से तृतीय)।
-
कक्षा 9: राज यादव व वंशिका (संयुक्त रूप से प्रथम), कृष्णा माहेश्वरी, अनस व निहारिका उपाध्याय (संयुक्त रूप से द्वितीय) तथा जैनेंद्र, शिवम व वर्तिका सैनी (संयुक्त रूप से तृतीय)।
जैसे ही इन बच्चों के नामों की घोषणा हुई, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जिसकी एक गौरवमयी झलक तसवीर में साफ देखी जा सकती है।
मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी
इस मौके पर बच्चों को प्रेरित करते हुए प्रधानाचार्य नरेश चतुर्वेदी ने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक लाना एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। बच्चों को भविष्य में इससे भी बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए अभी से अपने जीवन में अनुशासन और निरंतर मेहनत को ढालना होगा।
इस गरिमामयी छात्र सम्मान समारोह को सफल बनाने में जहीरूद्दीन पीरजादा, श्रीकृष्ण दीक्षित, बबलू सिसोदिया, पंकज पंडा, चेतन शर्मा, शरद शर्मा, मनीष शर्मा, अनुपम तोमर, संध्या शर्मा और सोनी यादव सहित भारी संख्या में अभिभावक व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।