इश्क की सनक ने बुझा दी जिंदगी
बरेली में डीएलएड छात्रा नीतू गंगवार की हत्या का खुलासा। एकतरफा प्यार में पागल आरोपी अशोक पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से गिरफ्तार।
दुपट्टे से घोंटा गला, फिर भागने की कोशिश लेकिन सीसीटीवी
सर्विलांस और एसओजी के शिकंजे से नहीं बच सका हत्यारा
अनुराग आर्य की चौकस पुलिस ने कातिल को रातों-रात दबोच लिया
जन माध्यम
बरेली। थाना सीबीगंज के सुनसान खेत में पड़ी डीएलएड छात्रा नीतू गंगवार की लाश ने जिलेभर को सन्न कर दिया था। मासूम चेहरे के पीछे छिपी दर्दनाक मौत की कहानी ने हर किसी को झकझोर दिया। खेत में पड़ा शव, गले पर कसाव के निशान और आसपास पसरा सन्नाटा कई सवाल खड़े कर रहा था। मगर सीबीगंज पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को रहस्य नहीं बनने दिया। एसएसपी अनुराग आर्य की सख्त मॉनिटरिंग और तेज तर्रार पुलिसिंग ने महज कुछ घंटों में कातिल को कानून के शिकंजे तक पहुंचा दिया। शीशगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी 23 वर्षीय नीतू गंगवार शनिवार को संदिग्ध हालात में मृत मिली थी। शव थाना सीबीगंज क्षेत्र में झुमका चौराहे से कुछ दूरी पर खेत में पड़ा मिला। सूचना फैलते ही इलाके में खौफ और गुस्से का माहौल बन गया। मामला संवेदनशील था, इसलिए एसएसपी अनुराग आर्य ने देर किए बिना चार विशेष टीमें मैदान में उतार दीं। यही वह पल था, जहां से पुलिस ने अपराधी तक पहुंचने की उल्टी गिनती शुरू कर दी। पुलिस ने तकनीक को हथियार बनाया। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की परतें खोली गईं। फरीदपुर के परीक्षा केंद्र से लेकर शहर के प्रमुख रास्तों तक कैमरों की बारीकी से जांच हुई। जांच की सुई आखिरकार रामपुर जिले के कैमरी थाना क्षेत्र के लखीमपुर भीका गांव निवासी अशोक पर जाकर टिक गई। पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन वही नीतू के साथ था और लगातार उसके संपर्क में भी बना हुआ था। रविवार रात टियूलिया अंडरपास के पास एसओजी और सीबीगंज पुलिस ने आरोपी को घेर लिया। पुलिस का शिकंजा कसता देख आरोपी बौखला गया और फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। मुठभेड़ में गोली आरोपी के पैर में लगी और वह वहीं ढेर हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया। पूछताछ में सामने आई कहानी ने रिश्तों के नाम पर पनप रही खतरनाक मानसिकता का काला चेहरा उजागर कर दिया। आरोपी अशोक नीतू से एकतरफा मोहब्बत करता था और उससे शादी करना चाहता था। उसे यह भी शक था कि नीतू दूसरे युवकों से बातचीत करती है। इसी शक ने उसके भीतर जुनून को जहर बना दिया। घटना वाले दिन वह नीतू को बाइक पर बैठाकर खेत तक ले गया। वहां शादी को लेकर बात हुई, लेकिन जब नीतू ने घरवालों से बात करने की बात कही तो आरोपी का गुस्सा हैवानियत में बदल गया। उसने उसी के दुपट्टे से गला कसकर उसकी सांसें छीन लीं। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून की पकड़ से दूर नहीं जा सकता। एसएसपी अनुराग आर्य की आक्रामक कार्यशैली, तकनीकी निगरानी और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। जिले में अपराधियों के लिए संदेश बिल्कुल साफ है,अब अपराध कर बच निकलना आसान नहीं, क्योंकि पुलिस हर कदम पर उनकी सांसों की आहट तक सुन रही है।